Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो
  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नवभारत संपादकीय: दलित ईसाइयों का सवाल: धर्म बदला, लेकिन क्या बदली सामाजिक हकीकत?

Conversion SC Rights: धर्म परिवर्तन के बाद एससी दर्जा खत्म होने पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी ने नई बहस छेड़ दी है। सवाल है कि क्या धर्म बदलने से जातिगत भेदभाव सच में खत्म हो जाता है?

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Mar 27, 2026 | 07:53 AM

Religion Conversion SC Status( Source: Social Media )

Follow Us
Close
Follow Us:

Religion Conversion SC Status: सुप्रीम कोर्ट के इस निर्देश ने एक संवैधानिक व नैतिक बहस को जन्म दे दिया है कि यदि कोई व्यक्ति ईसाई धर्म स्वीकार करता है तो वह अपना अनुसूचित जाति का दर्जा तत्काल खो बैठेगा।

यह कहा गया कि लोग हिंदू, सिख या बौद्ध धर्म छोड़कर ईसाई बन जाएंगे, उन्हें एससी/एसटी (क्रूरता निवारण) कानून का संरक्षण नहीं मिल पाएगा। संविधान के अनुच्छेद 341 के आधार पर यह निर्णय दिया गया।

यह अनुच्छेद सरकार को अनुसूचित जाति की पहचान का अधिकार देता है। ऐतिहासिक रूप से यह जातियां कुछ धर्मों से जुड़ी हुई हैं। जाति हिंदू सामाजिक व्यवस्था से जुड़ी हुई है। धर्म बदलने का तात्पर्य यह हुआ कि व्यक्ति उस ढांचे से बाहर आ गया।

सम्बंधित ख़बरें

नवभारत विशेष: तेल, गैस, रसायन, खाद बेकाबू, युद्ध से बढ़ी महंगाई में हमारी जेब कैसे सुरक्षित रहे ?

नवभारत निशानेबाज: किस्मत संवारने पर ध्यान, रोडमैप बनाने का अरमान

अब सुप्रीम कोर्ट पहुंचा अविमुक्तेश्वरानंद का मामला, आशुतोष महाराज ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती

CM योगी आदित्यनाथ को लेकर क्या बोले हरीश राणा के पिता? कही यह बड़ी बात

कानूनी तौर पर यह बात तर्कसंगत हो सकती है। परंतु देखा गया है कि धर्म परिवर्तन के बाद भी जातिगत भेदभाव खत्म नहीं होता। दलित ईसाइयों को भी सामाजिक, आर्थिक तौर पर व धार्मिक समुदायों के भीतर भेदभाव का सामना करना पड़ता है।

कुछ चर्च उनसे दूरी बरतते हैं। उन्हें एससी/एसटी (प्रीवेंशन ऑफ एट्रोसिटी एक्ट) वाले संरक्षण से वंचित करने से उनकी हालत कमजोर हो जाएगी। कोई दलित ईसाई धर्म अपना लेने से ही अन्य ईसाइयों के बीच बराबरी का दर्जा नहीं पा लेता।

धर्मांतरण के बावजूद उसकी जातिगत पहचान बनी रहती है। यदि धर्म बदलने के बाद भी किसी व्यक्ति को जाति के आधार पर अपमान व भेदभाव का शिकार होना पड़े तो उसका क्या इलाज है? एक मुद्दा यह भी है कि संविधान का अनुच्छेद 25 अपनी मर्जी से धर्मांतरण का अधिकार देता है।

यदि धर्मांतरण के बाद कानूनी सुरक्षा न मिले तो उसका कोई प्रयोजन नहीं रह जाता और सामाजिक दर्जा भी नहीं बदलता, ऐसी स्थिति में कार्यपालिका की जिम्मेदारी सामने आती है।

संसद को देखना होगा कि क्या कोई कानून वर्तमान सामाजिक सच्चाइयों को सही तौर पर प्रतिबिंचित करता है या नहीं। क्या एससी/एसटी के दर्जे को धर्म से जोड़ना उचित होगा? संविधान के अनुसूचित जाति आदेश 1950) को धारा 3 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दर्ज किए गए धर्म की बजाय दूसरे धर्म का पालन करता है और दूसरी ओर अपने पहले के धर्म की अनुसूचित जाति की सदस्यता कायम रखने का आग्रह करता है तो क्या यह संभव होगा? विश्व के अन्य देशों में जातिभेद नहीं माना जाता, लेकिन भारत में धमांतरण करने पर भी जाति व्यवस्था नष्ट नहीं होती।

यह भी पढ़ें:-नवभारत विशेष: तेल, गैस, रसायन, खाद बेकाबू, युद्ध से बढ़ी महंगाई में हमारी जेब कैसे सुरक्षित रहे ?

भारतीय मुस्लिमों में आज भी 40 से अधिक जातियां हैं। वहां अंसारी, जुलाहे या बुनकर हैं तो कुरैशी मांस बिक्री का धंदा करने वाले मुस्लिमों में भी शेख, सैयद, मुगल, पठान हैं।

अहमदिया मुस्लिमों के साथ भेदभाव होता है। पसमांदा मुस्लिम उपेक्षित व गरीब बने हुए हैं। धर्मांतरित ईसाईयों में बड़ी तादाद आदिवासी व दलित समुदायों की है। देश में इतने समाज सुधारक हुए, लेकिन जातिप्रथा की बेड़ियां अब तक नहीं टूट पाई।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Sc status after religious conversion supreme court debate dalit christians

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 27, 2026 | 07:53 AM

Topics:  

  • Caste-Religion
  • Navbharat Editorial
  • Supreme Court

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.