Navabharat Nishanebaaz: स्मोकिंग छोड़कर खुश हैं मेलोनी, अब खाती हैं चाकलेट मेलोडी
Smoking Health Risks: धूम्रपान छोड़ने की बढ़ती जागरूकता और सिगरेट-बीड़ी के दुष्प्रभावों पर आधारित यह व्यंग्य स्वास्थ्य, आदतों और सामाजिक सोच पर हल्के अंदाज में कटाक्ष करता है।
- Written By: अंकिता पटेल
(साेर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
How To Quit Smoking: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, खास बात यह है कि दुनिया सिगरेट पीना छोड़ रही है। एक समय ऐसा आएगा, जब लोग कैची, पासिंग शो, कैप्सटन, ब्रिस्टल, पनामा, चारमीनार, फोर स्क्वेयर जैसे सिगरेट ब्रांड के नाम भूल जाएंगे।’
हमने कहा, ‘सिगरेट के इतने नाम बताने की जरूरत नहीं है। ग्रामीण लोग व मजदूर आम तौर पर बीड़ी पीते हैं। जो तेंदुपत्ता से बनाई जाती है। बीड़ी हो या सिगरेट, उससे कैंसर होने का खतरा बना रहता है। इसका हर कश इंसान की आयु को कम करता है। उसके फेफड़े खराब हो जाते हैं।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, पिछले दिनों जी-7 देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि उन्होंने पिछले महीने स्मोकिंग छोड़ दी है। इसके लिए उन्हें लोगों की तारीफ मिली। धूम्रपान की लत लग जाने के बाद उसे छोड़ना आसान नहीं है। पता नहीं मेलोनी ने कैसे इससे छुटकारा पाया?’
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हमने कहा, ‘आप इतना भी नहीं जानते! प्रधानमंत्री मोदी ने मेलोनी को मेलोडी चॉकलेट भेंट की। इसे खाने से उनकी सिगरेट की तलब दूर हो गई। मेलोडी खाओ, खुद जान जाओ। यह मत पूछना कि मेलोडी इतनी चॉकलेटी क्यों है?’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, एक जमाने में अमेरिका की टाइम और न्यूजवीक जैसी पत्रिकाओं में मार्लबरो सिगरेट का विज्ञापन छपा करता था, जिसमें घोड़े पर सवार एक काउबॉय दिखाया जाता था और स्मोकिंग को मर्दानगी का प्रतीक माना जाता था। उस मॉडेल की कैंसर से मौत के बाद सिगरेट के पैकेट पर वैधानिक चेतावनी छापी जाने लगी।’
हमने कहा, ‘भारत में हुक्का, चिलम पीने का रिवाज रहा है। विंस्टन चर्चिल और महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री वसंतराव नाईक पाइप में तंबाकू भरकर पिया करते थे। क्यूबा के तानाशाह फिडेल कैस्ट्रो हवाना सिगार पीते थे जिसे बार-बार लाइटर से सुलगाना पड़ता था। भारत के शहरों में आज भी हुक्का पार्लर चलते हैं। जॉर्ज सिक्स्थ जब 18 वर्ष के हुए तो उनके पिता पंचम जॉर्ज ने उन्हें सिगरेट केस भेंट किया था और कहा था कि अब तुम बालिग हो गए हो। स्मोकिंग शुरू कर सकते हो। बाद में जॉर्ज षष्टम की मौत कैंसर से हुई वह महारानी एलिजाबेथ के पिता थे।’
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हमने कहा, ‘सिगरेट बनाने वाली इंडियन टोबैको कंपनी (आईटीसी) अब आटा बेचने लगी है। चिंता का इलाज स्मोकिंग नहीं है। इसलिए यह गाना बंद कीजिए- हर फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया!’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
