नवभारत संपादकीय: BJP व शिंदे सेना के बीच बढ़ता टकराव, गठबंधन की मजबूती पर सवाल
BJP Shinde Rift: महाराष्ट्र में बीजेपी और शिंदे शिवसेना के बीच बढ़ती तनातनी अब खुलकर सामने आ रही है। स्थानीय निकाय चुनावों से लेकर सरकार के भीतर तक वर्चस्व की लड़ाई तेज होती नजर आ रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
BJP Shinde Sena Tension( Source: Social Media )
BJP Shinde Sena Tension: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एक बार कहा था कि शिंदे की शिवसेना के साथ हमारी व्यावहारिक युति है लेकिन वर्तमान स्थितियों को देखें तो यह बात सही नहीं लगती। शिंदे के मंत्रियों ने इस्तीफे की धमकी दी है। बीजेपी और शिंदे सेना के बीच भारी टकराव पैदा हो गया है। दोनों पार्टियों में वर्चस्व स्थापित करने की होड़ लगी है।
मुंबई महानगर क्षेत्र के कल्याण-डोंबिवली से लेकर विविध स्थानों में दोनों पार्टियां एक-दूसरे को पछाड़ने की कोशिश में लगी रहीं। दोनों ही दलों का वोट बैंक समान है। बीजेपी ने शिंदे सेना को घेरने का कई बार प्रयास किया।
खास तौर पर डोंबिवली के नेता रवींद्र चव्हाण के बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बन जाने के बाद से दोनों पार्टियों की तनातनी अधिक बढ़ गई है। पहले एकजुट शिवसेना को लगता था कि बीजेपी उसे निगल लेगी।
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यही आशंका आज बीजेपी के संबंध में शिंदे सेना को लगती है। अपनी क्षेत्रीय मित्र पार्टियों को काबू में रखने की राजनीति पहले कांग्रेस ने अनेक बार की थी। आज बीजेपी भी यही कर रही है।
इसलिए शिंदे सेना उससे सतर्क है। स्थानीय निकाय चुनाव में कुछ स्थानों पर दोनों पार्टियों में उठापटक की राजनीति हुई थी। अब भी सरकार में दोनों मित्र पार्टियों के बीच कटुता देखी गई। वहां जिला परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष चुनाव में दोनों पार्टियों के बीच जो संघर्ष हुआ, उसकी गूंज विधानमंडल के दोनों सदनों में हुई।
मंत्री शंभराज देसाई व मंत्री मकरंद पाटिल विरुद्ध मंत्री जयकुमार गोरे व शिवेंद्र राजे का विवाद देखा गया। वास्तव में विवाद शंभू राजे देसाई विरुद्ध बीजेपी का था। हाल के वर्षों में जो दबंगियत बढ़ी है उसमें न बीजेपी अपवाद है न शिंदे सेना, सरकार में बीजेपी ने शिंदे सेना को पछाड़ते हुए शिंदे सेना के विधायक महेश शिंदे की पत्नी प्रिया शिंदे को जिला परिषद अध्यक्ष बनाया।
इस तरह शिंदे सेना के जख्म पर नमक छिड़का गया। मित्र पार्टी को इस तरीके से मात दी। बीजेपी के मंत्रियों सार्वजनिक निर्माण मंत्री शिवेंद्र राजे भोसले व ग्राम विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने साम-दाम-दंड-भेद के जरिए सातारा जिला परिषद का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर अपनी पार्टी को विजय दिलाई।
सातारा के पालकमंत्री शंभुराज देसाई ने आरोप लगाया कि 10 पुलिस कर्मियों ने उन्हें पकड़ा और घसीटा। उनके हाथ में चोट आई। किसी मंत्री के साथ राज्य में पहली बार ऐसा दुव्र्व्यवहार हुआ।
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दोनों पार्टियों के मंत्रियों ने एक-दूसरे के विरुद्ध आरोप लगाए, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिदि के साथ उनकी पार्टी की विशेष बैठक हुई, बीजेपी के मंत्री मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मिले।
विधान परिषद की उपसभापति डॉ. नीलम गोहें ने सातारा के पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी को निलंबित करने का आदेश दिया। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर दोषी पर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया लेकिन शिंद सेना के आंदोलन से वह नाराज थे। बीजेपी व शिंदे सेना का टकराव युति के लिए घातक है। लोग मानकर चल रहे हैं कि बीजेपी ने शिंदे सेना के पर काटने की ठान ली है।
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
