- Hindi News »
- Special Coverage »
- People Should Choose Their Candidate Wisely In Elections
मतदान की घड़ी निकट आई, सोच समझकर अपना उम्मीदवार चुने जनता
मतदान की घड़ी निकट आ गई है। उम्मीदवारों के दिलों की धड़कन बढ़ गई है कि जनता किसे जिताएगी और किसे हराएगी। इस चुनाव में सभी पार्टियों ने वादों और आश्वासनों की खैरात बांटने में कसर बाकी नहीं रखी।
- Written By: दीपिका पाल

मतदान करने से पहले सोचना जरूरी (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डेस्क: मतदान की घड़ी निकट आ गई है। उम्मीदवारों के दिलों की धड़कन बढ़ गई है कि जनता किसे जिताएगी और किसे हराएगी। इस चुनाव में सभी पार्टियों ने वादों और आश्वासनों की खैरात बांटने में कसर बाकी नहीं रखी। हर पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में बताया है कि सत्ता में आने पर क्या काम करेगी लेकिन यह नहीं बताया कि इसके लिए धन राशि कैसे जुटाएगी। क्या इसके लिए टैक्स बढ़ाए जाएंगे या राज्य को कर्ज लेना पड़ेगा? जनता को यह सुनने में रुचि नहीं है कि पहले क्या हुआ था या लोगों से कैसा अन्याय हुआ था।
लोग यह जानना चाहते हैं कि भविष्य में नेता और उनकी पार्टी क्या करने जा रही है। इस समय महाराष्ट्र के युवा बेरोजगारी की बड़ी समस्या से जूझ रहे हैं। सरकारी नौकरियां और आरक्षण इसका जवाब नहीं है। जब तक उद्योग धंधे नहीं बढ़ाए जाते तब तक रोजगार की समस्या हल नहीं होगी। पेयजल आपूर्ति, कृषि उपज को सही भाव, स्वास्थ्य व्यवस्था, पेंशन जैसे अनेक मुद्दे पार्टियों के घोषणा पत्रों में दिखाई देते हैं लेकिन बढ़ते शहरीकरण, उससे उत्पन्न होनेवाली समस्या, शहर के कचरे का निपटान जैसे प्रश्नों पर विचार नहीं किया गया। सार्वजनिक परिवहन को सक्षम बनाने की आवश्यकता है।
प्राय: सभी पार्टियों ने समझ रखा है कि विकास का अर्थ भरपूर निर्माण कार्य, सड़क, पुल, मेट्रो, ओवरब्रिज, अंडरब्रिज, बड़े मनोरंजन केंद्र तथा महापुरुषों के स्मारक बनाना है। युवा पीढ़ी व्यवसनाधीन हो रही है, उस बारे में भी सोचा जाना चाहिए। इस चुनाव के पूर्व राज्य में इतनी राजनीतिक पार्टियां और गठबंधन नहीं थे। इस बार 8 बड़ी पार्टियां, राष्ट्रीय व राज्य स्तर के दल तथा निर्दलीय मैदान में हैं। बागी उम्मीदवार वोट कटवा साबित हो सकते हैं। इतनी अनिश्चितता महाराष्ट्र में पहले अनुभव नहीं की गई थी जितनी इस बार के चुनाव में है।
सम्बंधित ख़बरें
Budget 2026: न चुनावी राज्यों को तोहफा…न मिडिल क्लास को राहत, क्या भाजपा ने बदल दी है अपनी बजट रणनीति?
असम-बंगाल से लेकर…केरल-तमिलनाडु तक: चुनावी राज्यों को मिलेगा मोदी का स्पेशल गिफ्ट, जानिए क्या होंगे ऐलान?
SIR Controversy: बिहार के बाद अब बाकी राज्यों में सियासी संग्राम, विपक्ष ने साधा निशाना!
CSDS संजय कुमार के खिलाफ FIR, वोटिंग की झूठी आंकड़ेबाजी दिखाकर भ्रम फैलाने का आरोप
नवभारत विशेष की खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
चुनाव के नतीजे बताएंगे कि क्या आगे भी ऐसी अनिश्चितता बनी रहेगी! महाराष्ट्र में मतदान का प्रतिशत प्राय: कम रहता है। शहरी इलाकों में तो और भी कम मतदान होता देखा गया है। मतदाताओं को अपने हक के प्रति जागृत होकर अवश्य मतदान करना चाहिए। मतदान बुधवार को रखा गया है इसलिए कोई वीकेंड मनाने या बाहर जाने का बहाना नहीं बना सकता। मतदान का प्रतिशत बढ़ने पर ही सुयोग्य और जिम्मेदार नेता मिल सकते हैं। विकास सभी को चाहिए लेकिन वह टिकाऊ और जीवन को सुविधाजनक बनानेवाला होना चाहिए। इन सारी बातों पर गंभीरता से विचार कर योग्य व क्षमतावान जनसेवी उम्मीदवार को चुनना ही उचित होगा।
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी द्वारा
People should choose their candidate wisely in elections
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
काला घोड़ा आर्ट महोत्सव 2026: महिला बचत ग्रुप्स ने 9 दिनों में 8.54 लाख की बिक्री, बीएमसी का अनूठा मॉडल
Feb 17, 2026 | 02:20 PMगावस्कर-कपिल देव को सता रही इमरान खान की चिंता, 14 पूर्व क्रिकेटरों ने लिखा शहबाज शरीफ को लेटर, क्या है मांग?
Feb 17, 2026 | 02:15 PMयूपी विधानसभा में ‘शायराना’ जंग: रामचंद्र के बहाने रागिनी सोनकर का वार, मंत्री गुलाब देवी ने ऐसे किया पलटवार
Feb 17, 2026 | 02:14 PM95 साल की उम्र में रॉबर्ट डुवैल का देहांत, अनुपम खेर बोले- वह बहुत ईमानदार अभिनेता थे
Feb 17, 2026 | 02:11 PMपुणे-कोल्हापुर यात्रा में आएगा बड़ा बदलाव, 6 घंटे का सफर अब सिर्फ 3 घंटे में होगा पूरा
Feb 17, 2026 | 01:59 PMघर में नमाज पढ़ने से रोकने पर बरेली DM-SSP को अवमानना नोटिस जारी, हाईकोर्ट ने बताया निजी अधिकारों का उल्लंघन
Feb 17, 2026 | 01:55 PMThe Kerala Story 2 Trailer: ‘द केरल स्टोरी 2’ ने फिर छेड़ी बड़ी बहस, रोंगटे खड़े कर देगा ट्रेलर का हर सीन
Feb 17, 2026 | 01:55 PMवीडियो गैलरी

धार भोजशाला विवाद: वकीलों की हड़ताल से टली सुनवाई, 18 फरवरी को कोर्ट में खुलेगा एएसआई सर्वे का राज
Feb 17, 2026 | 01:31 PM
इंसानियत शर्मसार! UGC विवाद में छात्राओं को रेप और मर्डर की धमकी, थाने में भी सुरक्षित नहीं बेटियां- VIDEO
Feb 16, 2026 | 10:05 PM
प्रशासन की लापरवाही ने ली मासूम की जान, नागपुर में खुले नाले में गिरा 3 साल का बच्चा; 24 घंटे बाद मिली लाश
Feb 16, 2026 | 09:59 PM
UP विधानसभा में गूंजी युवाओं की आवाज, सपा विधायक ने खोली भर्तियों की पोल; आरक्षण में धांधली का लगाया आरोप
Feb 16, 2026 | 09:51 PM
बिहार विधानसभा में ‘बेचारा’ शब्द पर घमासान! राजद विधायक के बयान ने रामविलास पासवान के अपमान पर छेड़ी नई जंग
Feb 16, 2026 | 09:45 PM
हेल्थ इंश्योरेंस या धोखा? मां के इलाज के लिए दर-दर भटका बेटा, प्रीमियम के बाद भी कंपनी का क्लेम देने से इंकार
Feb 16, 2026 | 09:41 PM














