नवभारत निशानेबाज: युद्ध से हो रहा महाविनाश, सभी को प्रेम-शांति की तलाश
Love Peace Satire: समाज में शांति और प्रेम के गायब होने पर व्यंग्यात्मक नजर, जहां इन्हें खोजने की चिंता तो है, पर असलियत आधुनिक जीवनशैली और बदलते रिश्तों में छिपी नजर आती है।
- Written By: अंकिता पटेल
नवभारत डिजाइन फोटो
Navabharat Nishanebaaz: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, न जाने शांति कहां गायब हो गई और प्रेम भी लापता है। ऐसी हालत में क्या किया जाए? यह सिर्फ हमारी नहीं, सभी की चिंता होनी चाहिए कि शांति को कैसे वापस लाएं। इसमें कौन हमारी मदद करेगा ?’
हमने कहा, ‘यदि आपको इतनी फिक्र है तो पुलिस में जाकर रिपोर्ट लिखवाइए और अखबार में विज्ञापन दीजिए कि शांति और प्रेम तुम जहां कहीं भी हो तुरंत लौट आओ। तुम्हें कोई कुछ नहीं कहेगा। ऐसा विज्ञापन छपवाने के बाद भी वापस नहीं आए तो समझ लेना कि दोनों बालिग या वयस्क हैं और कहीं आपसी सहमति से लिव-इन में रह रहे होंगे।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, आप गलत समझ रहे हैं। अमेरिका व इजराइल ने ईरान पर हमला कर शांति को भारी नुकसान पहुंचाया है। ईरान भी उन अरब देशों पर मिसाइल और ड्रोन छोड़ रहा है, जहां अमेरिका ने सैनिक अड्डे बना रखे हैं। विश्व का हर धर्म शांति और सद्भावना का संदेश देता है लेकिन रमजान के महीने में और गुड फ्राइडे को भी खूनखराबा जारी रहा। न ईरान ने अल्लाह के बारे में सोचा, न ट्रंप ने जीसस क्राइस्ट के शांति, प्रेम और मानवता के संदेश पर ध्यान दिया। अमेरिकी डॉलर पर छपा रहता है- इन गॉड वी ट्रस्ट (हमारा ईश्वर में विश्वास है) यदि ऐसा है तो अमेरिका ईरान में हजारों बेगुनाह महिलाओं, अबोध बच्चों, बूढ़ों पर क्यों बम बरसा रहा है? भगवान महावीर, भगवान बुद्ध, महात्मा गांधी के सिखाए रास्तों पर दुनिया क्यों नहीं चलती? जैसे सम्राट अशोक ने कलिंग युद्ध में महाविनाश के बाद पश्चाताप करते हुए बौद्ध धर्म स्वीकार कर लिया था, वैसा करने की ट्रंप क्यों नहीं सोचते? वह तो ईरान को स्टोन एज में पहुंचाने की धमकी दे रहे हैं। रामधारीसिंह दिनकर ने अपनी कृति ‘कुरुक्षेत्र’ में लिखा था- जब नाश मनुज पर छाता है पहले विवेक मर जाता है।’
सम्बंधित ख़बरें
Pune Metro Uber QR Ticket : पुणे मेट्रो का सफर हुआ डिजिटल, अब उबर ऐप से बुक होंगे QR टिकट
महाराष्ट्र में मातृ-शिशु मृत्यु पर सरकार की ‘सर्जिकल स्ट्राइक’, हर मौत की होगी गहन जांच
दहिसर-काशीगांव मेट्रो को एक महीने में 10 लाख यात्री, स्टेशन के बाहर बढ़ा ट्रैफिक जाम
Intermittent Fasting: क्या है इंटरमिटेंट फास्टिंग जिससे वजन कंट्रोल होता है, लेकिन दिल पर करता है बुरा असर
यह भी पढ़ें:-अमेरिका और ईरान के बीच हुआ सीजफायर, दो हफ्ते तक नहीं होंगे हमले, होर्मुज पर भी बनी बात
हमने कहा, ‘यदि डोनाल्ड ट्रंप और पुतिन जैसे नेता अपना अहंकार त्यागकर इंसानियत के नजरिए से सोचें तथा जियो और जीने दो की भावना रखें तो दुनिया में शांति और प्रेम वापस आ सकते हैं।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
