राम (Ram) नाम में बड़ी शक्ति होती है लेकिन किसी ने सोचा भी न होगा कि उत्तर पत्रिका में राम नाम लिखकर यूनिवर्सिटी के छात्र पास हो जाते होंगे। उत्तर प्रदेश के वीरबहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय में फार्मेसी प्रथम वर्ष के 4 छात्रों ने प्रश्नपत्र में दिए सवालों को हल करने की बजाय कापियों में जय श्रीराम के अलावा विराट कोहली, रोहित शर्मा, हार्दिक पंड्या जैसे क्रिकेट खिलाड़ियों के नाम लिखकर सारे पन्ने भर दिए। ये सभी छात्र 75 में से 42 अर्थात 56 प्रतिशत नंबर लेकर पास हो गए।
यह चमत्कार इसलिए हुआ क्योंकि शिक्षकों ने पेपर जांचने की बजाय सिर्फ यह देखा कि कॉपी के पन्ने लिखावट से भरे पड़े हैं। क्या लिखा है यह पढ़ना जरूरी नहीं समझा और नंबर देकर छात्रों को उत्तीर्ण कर दिया। फार्मसी जैसी परीक्षा में इस तरह की धांधली हुई। इस गडबड़ घोटाले का पता इसलिए चला क्योंकि विश्वविद्यालय के एक पूर्व छात्र दिव्यांशु सिंह ने सूचना के अधिकार के तहत डी। फार्मा के 18 छात्रों के रोल नंबर उपलब्ध कराते हुए उनकी कॉपियां निकालकर पुनर्मूल्यांकन की मांग की थी। जब भंडाफोड़ हुआ तो फार्मेसी संस्था के 3 शिक्षक दोषी पाए गए जिन्हें कार्यमुक्त करने का निर्णय लिया गया।
एक अन्य मामले में परीक्षा तिथि से पहले परीक्षा करा लेने के मामले में लिपिक को निलंबित किया गया। इस तरह अयोग्य छात्रों को पास किया गया। इस तरह अयोग्य छात्रों केा पास किया जाता है। यह कोई भूल नहीं बल्कि इसके पीछे गहरी साजिशभी होती है। हाल ही में रवीना टंडन अभिनीत फिल्म ‘पटना शुकला’ ओटीटी प्लेटफार्म पर रिलीज हुई।
उसमें भी दिखाया गया कि एक गरीब लड़की की 63 प्रतिशत अंक वाली मार्कशीट पर एक युवा दबंग नेता का नाम चढ़ा दिया जाता है और उस लड़की को फेल बताया जाता है इस मुद्दे को लेकर कानूनी लड़ाई और न्याय पाने की जद्दोजहद दिखाई गई है। शिक्षा क्षेत्र में ऐसी धांधली निंदनीय है।