Sambhajinagar Smart Parking System ( Source: Social Media )
Sambhajinagar Smart Parking System: छत्रपति संभाजीनगर शहर में हाँकर जोन की कमी, बढ़ती पार्किंग समस्या और साप्ताहिक बाजारों से उत्पन्न यातायात बाधा जैसे मुद्दों पर महानगरपालिका की स्थायी समिति की बैठक में विस्तृत चर्चा हुई।
सदस्यों द्वारा उठाए गए सवालों पर बैठक में अतिरिक्त आयुक्त रणजीत पाटिल ने बताया कि शहर में हॉकर जोन स्थापित करना अत्यंत आवश्यक है, जबकि स्मार्ट पार्किंग व्यवस्था का काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है।
शनिवार को स्थायी समिति के सभापति अनिल मकरिए की अध्यक्षता में नए आर्थिक वर्ष के बजट पर चर्चा और मंजूरी के लिए विशेष बैठक आयोजित की गई थी। बैठक में हॉकर जोन, पार्किंग जोन, अग्निशमन विभाग के नए केंद्र, गरवारे स्टेडियम के विकास सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई।
अतिरिक्त आयुक्त रणजीत पाटिल ने बताया कि शहर में हॉकर जोन स्थापित करने से पहले शहर फेरीवाला समिती का गठन करना जरूरी है। इस समिति में विक्रेताओं के प्रतिनिधि शामिल होंगे।
इन प्रतिनिधियों का चयन विक्रेता संगठनों के माध्यम से होता है। समिति बनने के बाद ही नियमों के अनुसार शहर में हॉकर जोन निर्धारित किए जा सकेंगे। पाटिल ने कहा स्मार्ट पार्किंग के लिए एजेंसी नियुक्त की गई है।
अतिरिक्त आयुक्त रणजीत पाटिल ने बताया कि वर्तमान में शहर में पांच अग्निशमन केंद्र कार्यरत हैं। पुराने शहर की संकरी गलियों को ध्यान में रखते हुए छोटे आकार की फायर ब्रिगेड गाडियां खरीदने पर भी जोर दिया गया है।
पाटिल ने बताया कि शहर में जल्द ही चार नए अग्निशमन केंद्र शुरू किए जाएंगे, इनमें हसूल में अधूरी इमारत का काम पूरा कर केंद्र शुरू किया जाएगा।
इसके अलावा शाहगंज की पानी की टंकी के पास, बीठ बाईपास पर शिवाजी नगर पुल के निकट तथा पड़ेगांव की आरक्षित जमीन पर नए केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इसके लिए मनपा की भर्ती प्रक्रिया के तहत 100 फायरमैन के पद भरे जाएंगे।
बैठक में शहर के बाहनी क्षेत्रों में लगने वाले साप्ताहिक बाजारों को बंद करने के मुद्दे पर भी सदस्यों ने प्रश्न उठाए। इस पर अतिरिक्त आयुक्त ने स्फट किया कि जिन स्थानों पर ये बाजार लगते हैं, वहां बड़े पैमाने पर यातायात जाम की समस्या पैदा होती है।
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इसके अलावा आसपास के क्षेत्रों में गंदगी भी चढ़ जाती है और दुर्घटनाओं की घटनाएं भी सामने आती है। नागरिकों को राहत देने के लिए प्रशासन ने कुछ स्थानों पर इन बाजारों को बंद करने का निर्णय लिया है प्रशासन ने यह भी योजना बनाई है कि जहां पहले साप्ताहिक बाजार लगते थे। यहां छोटे दुकानों और प्लेटफॉर्म का निर्माण किया जाए,