निशानेबाज: 35 लाख रु.का केला खा डाला, भ्रष्टाचार से निकालते दिवाला
Uttarakhand Corruption: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 12 करोड़ रुपए की सरकारी रकम का घोटाला करने पर बीसीसीआई को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
- Written By: दीपिका पाल
उत्तराखंड में केले पर भ्रष्टाचार (सौ. डिजाइन फोटो)
नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, निशानेबाज, बोगस बिल बनाकर पैसा हड़पनेवाले बेईमानों की फौज हर जगह मौजूद रहती है।उत्तराखंड हाईकोर्ट ने उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा 12 करोड़ रुपए की सरकारी रकम का घोटाला करने पर बीसीसीआई को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।चार्टर्ड अकाउंटेंट द्वारा तैयार की गई आडिट रिपोर्ट में बताया गया कि खिलाड़ियों ने 35,00,000 रुपए के केले खाए।क्या ऐसा संभव है? हमने कहा, केला सुपरफूड है जो एनर्जी देता है, उसमें पोटैशियम रहता है।खिलाड़ी जब खेलने में इतना परिश्रम करते हैं तो ऊर्जा हासिल करने के लिए केले खाएंगे ही! फास्ट बोलिंग करने, सक्सिर मारने, फील्डिंग के लिए दौड़ने में बहुत ताकत लगती है।इसलिए सीए ने 35 लाख रुपए के केले खाने का बिल ओके कर दिया।
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पड़ोसी ने कहा, निशानेबाज, उत्तराखंड क्रिकेट एसोसिएशन पर खिलाड़ियों का मानसिक व शारीरिक शोषण करने का आरोप है।खिलाड़ियों को सिर्फ 100 रुपए रोज दिया जाता है और कोई सुविधा नहीं मिलती।ऊपर से लाखों रुपए के केले खिलाने का फर्जी बिल बनाकर रकम पर हाथ साफ कर दिया गया।हमने कहा, यदि अधिकारी होशियार होते तो बादाम, पिस्ता, अखरोट, काजू, किशमिश जैसे ड्राई फ्रूट खिलाने का और भी बड़ा बिल बना सकते थे।वह केले पर ही अटक गए।जांच यह भी होनी चाहिए कि केला कैसा था! साधारण केला या भुसावल का छोटा स्वादिष्ट और महंगा केला! गणेशजी को मोदक, कृष्ण कन्हैया को माखन-मिश्री, हनुमानजी को बूंदी के लड्डू और सत्यनारायण भगवान को केला या कदलीफल विशेष प्रिय है।
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दक्षिण भारत में केले के पत्ते पर भोजन परोसा जाता है।कच्चे केले की सब्जी और कोफ्ता बनता है।महाराष्ट्र में दूध में केला डालकर कालवण बनाया जाता है।धार्मिक आयोजनों में केले के तने का मंडप बनाया जाता है।जो इंसान अकेला हो उसे उदासी दूर करने के लिए केला खाना चाहिए।उसकी ऊर्जा और पोटैशियम से उसका डिप्रेशन दूर होगा। पड़ोसी ने कहा, निशानेबाज, यह सब तो ठीक है लेकिन केले का छिलका हमेशा डस्टबिन में डालना चाहिए।सड़क पर फेकोगे तो पैर फिसलने से किसी राहगीर को चोट लग सकती है।
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
