(डिजाइन फोटो)
Nitish Kumar Rajya Sabha: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, हमें चिंता है कि जब सुशासन बाबू कहलानेवाले नीतीश कुमार राज्यसभा सदस्य बनकर दिल्ली चले जाएंगे तब बिहार के सुशासन का क्या होगा?’
हमने कहा, ‘किसी के चले जाने से काम नहीं अड़ता। परिवर्तन प्रकृति का नियम है। महाभारत काल में दुःशासन हुआ करता था। राजनीति में आज भी अव्यवस्था व कुशासन है। जिम्मेदार नेता शवासन लगाकर लेटे हुए हैं। योगासन लगानेवाले बाबा टॉप बिजनेसमैन बन गए हैं। लोग खुद नहीं सुधरते बल्कि प्रशासन को दोष देते हैं।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, आप गोल-मोल बातें कर हमारा सवाल टाल रहे हैं। यह बताइए कि नीतीश मुक्त बिहार में भाजपा का क्या प्लान रहेगा? वह अपने अरमान किस तरह पूरा करेगी?’
हमने कहा, ‘सबसे पहले तो बीजेपी वहां अपना सीएम बिठाएगी और नीतीश कुमार के बेटे निशांत को डिप्टी सीएम बना देगी। वहां बीजेपी के अनेक नेता मुख्यमंत्री बनने की तमन्ना रखते हैं जिनमें सम्राट चौधरी, नित्यानंद राय, संजय जायस्वाल, दिलीप जायस्वाल और जनकराम का समावेश है। बीजेपी किसी नए चेहरे को भी चान्स दे सकती है। उसने अन्य राज्यों में ऐसे प्रयोग किए हैं। मध्यप्रदेश से शिवराज को हटाकर मोहन की मुरलिया बजा दी। राजस्थान में वसुंधरा राजे को दरकिनार कर भाजपा ने भजनलाल शर्मा को भजन करने का मौका दिया। ओडिशा में मोहन चरण मांझी के हाथों में पतवार थमा दी।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने नीतीश की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने बिहार को लालू परिवार के जंगल राज से मुक्ति दिलाई थी।’
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हमने कहा, ‘किसी को पदमुक्त करते समय उसकी ऐसी ही प्रशंसा करनी पड़ती है। फिलहाल नीतीश राज्यसभा के ढाई सौ सदस्यों में से एक बनकर रह जाएंगे। यह मत सोचना कि उन्हें उपप्रधानमंत्री जैसा कोई पद दिया जाएगा।’
पड़ोसी ने कहा, ‘बीजेपी ने जदयू से मित्रता निभाते हुए नीतीश को केंद्रीय मंत्री या उपराष्ट्रपति बनाने का वादा जरूर किया गया होगा तभी तो वह पटना छोड़कर दिल्ली की राह पकड़ रहे हैं।’