Navbharat Nishanebaaz: शम्मी कपूर चिल्लाए थे 'या हू,' इजराइल में हैं नेतन्याहू

Netanyahu Trump Israel Iran War: नेतन्याहू और ट्रंप की दोस्ती, ईरान से तनाव और इजराइल की नीतियों पर निशानेबाज ने फिल्म ‘जंगली’ के ‘याहू’ अंदाज में राजनीतिक व्यंग्य किया है।
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निशानेबाजफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
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Highlights

  • लेख में नेतन्याहू, ट्रंप और इजराइल की पश्चिम एशिया नीति पर व्यंग्य किया गया है।

  • ईरान के साथ संघर्ष में ट्रंप द्वारा नेतन्याहू का समर्थन करने का मुद्दा उठाया गया है।

  • भारत-इजराइल संबंधों और पाकिस्तान के संदर्भ में इजराइल की भूमिका पर चर्चा है।

  • लेख में नेतन्याहू के चुनावी समर्थन और राजनीतिक भविष्य पर भी सवाल उठाए गए हैं।

Netanyahu Trump and Israel Iran Relations: पड़ोसी ने हमसे कहा, 'निशानेबाज, राजनीति में सिर्फ नेता बनना काफी नहीं है, तरक्की करते हुए नेतन्याहू बनना चाहिए। इंडिया में नेता मिलेंगे लेकिन इजराइल में नेतन्याहू हैं। हम रूस से तेल खरीदते हैं तो ट्रंप नाराज होते हैं जबकि वह तेल अवीव पर मेहरबान हैं। तेल अवीव और तेहरान की तकरार हुई तो ट्रंप ने सीधे नेतन्याहू की मदद की और ईरान से पंगा ले लिया। आपकी नेतन्याहू के बारे में क्या राय है?'

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हमने कहा, 'व्याकरण या ग्रामर के हिसाब से यह नाम 2 शब्दों के मेल से बना है नेता और याहू! जब 1960 में सुबोध मुखर्जी की 'जंगली' फिल्म आई थी तो उसमें शम्मी कपूर ने बड़े जोर से 'याहू' का नारा लगाया था। जैसे ही वह 'या...हू' चिल्लाते थे, पहाड़ से बर्फ टूटकर गिरने लगती थी। ऐसा ध्वनि कंपन की वजह से होता था। हमारी राय है कि नेतन्याहू को यह पुरानी फिल्म दिखाई जानी चाहिए। इससे भारत-इजराइल में सहयोग और बढ़ेगा। आपको याद होगा कि 'जंगली' सायरा बानो की पहली फिल्म थी। सायरा बानो इंग्लैंड से पढ़कर लौटी थीं और बेहद खूबसूरत और कमसिन थीं। बाद में वह दिलीप दलीपकुमार की बेगम बनीं।'

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पड़ोसी ने कहा, 'निशानेबाज, 80 साल की सायरा को भूल जाइए। अब पाकिस्तान के खिलाफ भारत को इजराइल का सहारा है। इजराइल का नक्शा किसी कटार जैसा है। वह अरब देशों के सीने में कटार जैसा घुसा हुआ है। जब इजराइल और अमेरिका मिलकर हमास पर हमला करते हैं तो ईरान भी जवाब में अरब देशों को निशाना बनाता है क्योंकि वहां अमेरिका के फौजी

अड्डे हैं। नेतन्याहू ने अपनी नीतियों से ट्रंप को ईरान युद्ध में फंसा दिया है।' हमने कहा, 'इजराइल के चुनाव में नेतन्याहू का समर्थन घटा है। उन्हें स्पष्ट बहुमत मिलने की उम्मीद नहीं है। नेतन्याहू का अपने प्रतिद्वंद्वी पूर्व सेनाध्यक्ष गादी आइजनकॉट से कड़ा मुकाबला है। चुनाव परिणाम चाहे जो भी हो, इजराइल अपनी आक्रामक पश्चिम एशिया नीति जारी रखेगा। नेतन्याहू का दूसरा नाम 'बीबी' है। ट्रंप को है बीबी से प्यार, वह कैसे करेंगे युद्ध से इनकार !'

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा