

इजरायल पुलिस ने लिकुड पार्टी के चुनावी धांधली के आरोप खारिज किए
पुलिस के मुताबिक, दावों के समर्थन में ठोस सबूत नहीं मिले
लिकुड पार्टी 53 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी
Israel Police Rejects Netanyahu Election Fraud Allegations: इजरायल पुलिस ने गुरुवार को सत्ताधारी लिकुड पार्टी के अरब पार्टियों पर लगाए 'चुनाव चोरी' के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। पार्टी ने धांधली का आरोप लगाते हुए पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग उठाई थी। लिकुड पार्टी ने दावा किया था कि उनके पास इसे लेकर सैकड़ों लोगों की गवाही मौजूद है। इन आरोपों की प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी समर्थन किया है।
'द यरूशलम पोस्ट' के मुताबिक, इस मामले में बयान जारी कर पुलिस ने अपनी बात रखी। पुलिस ने कहा, मतदान के दिन चुनावी निष्पक्षता से जुड़ी कुछ असामान्य घटनाएं हुईं, लेकिन पिछली बार के चुनावों की तुलना में इनकी संख्या काफी कम थी। इस बात पर जोर दिया जाना चाहिए कि इन दावों के समर्थन में कोई जांच संबंधी या खुफिया सबूत नहीं हैं।
इससे पहले बुधवार को, सेंट्रल इलेक्शन कमिटी (CEC) के एक अधिकारी ने भी धोखाधड़ी के इन दावों को खारिज कर दिया था। इजरायल में अभी वोटों की गिनती चल रही है, लेकिन मंगलवार को हुए चुनाव में अरब पार्टियों ने 19 सीटें जीत ली हैं। इस चुनाव में अरब समुदाय की ओर से रिकॉर्ड मतदान देखने को मिला।
गुरुवार सुबह तक आधिकारिक मतगणना 91% तक पहुंच गई थी। इसमें केवल 'डबल-लिफाफे' वाले मतपत्र शामिल नहीं थे, जिनकी गिनती पूरी रात चलने वाली थी।
केंद्रीय चुनाव समिति ने बुधवार शाम को बताया था कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू का गुट अपनी बढ़त बनाए हुए है और अगली नेसेट (संसद) में लिकुड पार्टी को 53 सीटें मिली हैं, जबकि विपक्षी गुट को 48 सीटें मिली हैं। चुनाव में लिकुड पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन इसके बाद भी पार्टी सरकार बनाने के लिए जरूरी 61 सीटों के आंकड़े से 9 सीट दूर है।
प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आरोप लगाया था कि इजरायली चुनाव को अरब पार्टियों ने चुरा लिया। कड़े मुकाबले वाले इस चुनाव के बाद, न तो उनके राजनीतिक गुट को और न ही मुख्य विपक्षी दल को संसद में बहुमत हासिल करने के लिए पर्याप्त सीटें मिल पाई।
नेतन्याहू की लिकुड पार्टी ने एक बयान जारी कर चुनाव प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताओं का आरोप लगाया। साथ ही, उन्होंने अरब-पार्टियों पर इजरायल को कमजोर करने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया।
लिकुड पार्टी ने कहा, इजरायल के चुनावों को अरब पार्टियों ने हथिया लिया है। ये पार्टियां आतंकवाद का समर्थन करती हैं और यहूदी राज्य को खत्म करना चाहती हैं। इन्होंने रिश्वतखोरी, धमकियों, हिंसा, धोखाधड़ी जैसे गंभीर आपराधिक कृत्य किए हैं और मतदाताओं को जुटाने के लिए अवैध सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल किया है।
इजरायल में हुआ चुनाव में किसी भी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला है। लिकुड पार्टी को 53 सीटें मिली हैं। जबकि विपक्षी गुट ने 48 सीटें पर जीत दर्ज की है। जबकि पिछले चुनाव में सिर्फ 10 सीट जीतने वाली अरब पार्टी को इस बार 18 सीटें मिली हैं। ऐसे में अरब पार्टी सरकार बनाने में अहम भूमिका निभा सकती हैं। हालांकि पक्ष और विपक्ष ने फिलहाल अरब पार्टी से गठबंधन करने से इनकार कर दिया है।