नवभारत निशानेबाज: चुनाव में प्रतिस्पर्धा कड़ी, PM मोदी ने खाई झालमुडी
Navabharat Nishanebaaz: पीएम मोदी ने बंगाल चुनाव प्रचार के दौरान अचानक एक दुकान पर रुककर झालमुड़ी का लुत्फ उठाया। डिजिटल क्रांति के जनक ने नकद भुगतान कर सबको चौंकाया।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (डिजाइन फोटो नवभारत)
PM Modi Eats Jhalmuri: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज हमारे देश में स्वादिष्ट खाद्य पदार्थों की इतनी विविधता है जितनी दुनिया में कहीं नहीं होगी। हर राज्य की अपनी-अपनी खास डिशेज हैं। छप्पन भोग छत्तीसों व्यंजन हमारी खासियत है। काश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से बंगाल तक जायके का सफर आपको खुश कर देगा।’
हमने कहा, ‘आप प्रधानमंत्री मोदी के चुनावी सफर के दौरान मूड फ्रेश करने के लिए खाई गई झालमुडी की चर्चा कीजिए। खिचड़ी, खाखरा, फाफड़ा, दाबेली जैसे गुजराती भोजन के शौकीन मोदी ने बंगाल के झारग्राम में बिक्रम साव के चटपटा स्टोर में अचानक पहुंचकर झालमुडी खरीदी और खाई। देश में डिजिटल पेमेंट का प्रचार करने वाले पीएम ने कैश 10 रुपए पेमेंट किया।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, जब मोदी ने इसे खाया तो देखादेखी बीजेपी के सारे नेता-कार्यकर्ता भी इसे खाने लगेंगे। पार्टी अब चाय पे चर्चा की बजाय झालमुडी पर चर्चा शुरू कर देगी। देश में जगह-जगह इसके स्टॉल लग जाएंगे। अब आप हमें झालमुडी की रेसिपी या तैयार करने की विधि बताइए ताकि हम खुद खाएं और आपको भी खिलाएं।’
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हमने कहा, ‘एक बड़ा सा बाउल या कटोरा लीजिए। उसमें मुरमुरा, बारीक कटी प्याज, कूटी हुई हरी मिर्च, सरसों का तेल डालिए। इसे अच्छे से मिलाकर नींबू का रस निचोड़िए, हो गई झालमुडी तैयार। फिर ममता या मोदी का नाम लेकर इसका स्वाद चखिए।’
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पड़ोसी ने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने झालमुडी खाकर देश की जनता को संकेत किया है कि वह सिलेंडर न मिलने से बेचैन न हो। कुछ भी पकाने की जरूरत नहीं। झालमुडी खाओ, भाजपा के गुण गाओ। झालमुडी में कोई झोल या लोचा नहीं है। यह सस्ती और सुलभ है। इसमें न्यूट्रीशन है जो हमारे नेशन को बल प्रदान करेगा। इसके अलावा झालमुडी के रूप में मुरमुरा खाओ तो पेट भरा-भरा महसूस होता है। मैगी, आलू चिप्स, वेफर्स, केक, पेस्ट्री, बिस्किट मत खाओ। झालमुडी खाओ और काम पर जाओ। यदि कोई आपसे पूछे कि आज आपका मूड इतना अच्छा क्यों है तो उसकी ओर मुड़कर कहिए कि आज मैंने झालमुडी खाई है।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
