नवभारत संपादकीय: पेपरलीक, परीक्षा रद्द और उम्र सीमा का डर, कब दूर होंगी MPSC अभ्यर्थियों की मुश्किलें?

MPSC Exam Controversy: पुणे में MPSC अभ्यर्थियों का आंदोलन परीक्षा विवाद, मूल्यांकन में पारदर्शिता व अध्यक्ष के इस्तीफे की मांग को लेकर तेज हुआ है। परीक्षा में देरी युवाओं पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है।
MPSC Drug Inspector Exam Protest
एमपीएससी आंदोलन पुणेफोटो सोर्स- नवभारत डिजाइन
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Highlights

  • पुणे में एमपीएससी परीक्षा को लेकर हजारों युवाओं का आंदोलन, ड्रग इंस्पेक्टर परीक्षा रद्द करने की मांग।

  • अंकों के मूल्यांकन में कथित अनियमितताओं के खिलाफ प्रदर्शन, एमपीएससी चेयरमैन विवेक भीमनवार के इस्तीफे की मांग।

  • पेपर लीक और परीक्षा स्थगित होने से युवाओं पर आर्थिक संकट, उम्र सीमा पार होने का भी डर।

  • कॉकरोच जनता पार्टी की आंदोलन में सक्रिय भागीदारी, 23 अक्टूबर के महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव पर पड़ सकता है असर।

MPSC Drug Inspector Exam Protest: पुणे में महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षा देनेवाले युवाओं का आंदोलन सुर्खियों में है। ड्रग इंस्पेक्टर की परीक्षा रद्द करने और नए जारी किए गए विस्तृत फॉर्मेंट में अंकों का मनमाने तरीके से मूल्यांकन किए जाने के विरोध में हजारों युवा सड़कों पर उतर पड़े।

उनकी मांग है कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शित लाई जाए तथा एमपीएससी चेयरमैन पद से विवेक भीमनवार इस्तीफा दें, सरकार इसे प्रशासकीय विफलता बताकर हाथ झटकना चाहती है लेकिन उन लाखों युवाओं का क्या होगा जो मध्यम वर्ग और ग्रामीण क्षेत्रों से आए हैं और सरकारी नौकरी हासिल करने का सिर्फ सपना नहीं देख रहे बल्कि इसके लिए पुणे में कोचिंग ले रहे हैं।

वहां रहने, खाने, पढ़ाई की सामग्री खरीदने व कोचिंग की फीस पर उनके अभिभावकों का काफी पैसा खर्च होता है। जब प्रश्नपत्र लीक होते हैं, परीक्षाएं स्थगित होती हैं या अनिश्चितकाल के लिए टल जाती हैं तो इन युवाओं का आर्थिक संकट बहुत बढ़ जाता है। इसके अलावा उन्हें अपनी आयु सीमा पार कर जाने का भय भी घेर लेता है। पेपरलीक होने का संकट महाराष्ट्र तक ही सीमित नहीं है।

पेपर लीक और भर्ती में गड़बड़ी पर युवाओं का आक्रोश तेज

उच्च पदों पर बैठे भ्रष्ट तत्व धन के लोभ में या अपने सगे-संबंधियों को नौकरी दिलाने के चक्कर में जगह-जगह ऐसी करतूत कर रहे हैं। इसके खिलाफ समूचे देश में युवा आक्रोश की लहर देखी जा रही है। अभिजीत दिपके के नेतृत्व वाली कॉकरोच जनता पार्टी एमपीएससी विरोधी आंदोलन में सक्रिय रूप से शामिल हो गई है।

इसके पहले इसी वर्ष दिल्ली के जंतर मंतर पर नीट परीक्षा पपर लीक के खिलाफ सीजेपी ने व्यापक आंदोलन किया। वास्तव में पेपर लीक की घटनाएं युवाओं के भविष्य के साथ आपराधिक खिलवाड़ हैं। सीजेपी परीक्षा प्रणाली में ईमानदारी और पारदर्शिता की मांग कर रही है। इस आंदोलन का असर महाराष्ट्र में 23 अक्टूबर को होनेवाले द्विवार्षिक विधान\ परिषद चुनाव पर भी पड़ने की संभावना है।

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MPSC आंदोलन तेज, परीक्षा में पारदर्शिता की मांग

विपक्षी नेता शरद पवार सुप्रिया सुले, रोहित पवार व मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने इस आंदोलन में सक्रियता से भाग लिया जिसमें एमपीएससी परीक्षा में धांधली को लेकर युवाओं का आक्रोश धधक रहा है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस विरोध प्रदर्शन आंदोलन को राजनीति प्रेरित करार देते हुए तनाव दूर करने के उद्देश्य से एक जांच समिति बनाने का प्रस्ताव रखा। सरकार विपक्ष पर निशाना साध रही है लेकिन उसे ऐसी अचूक व्यवस्था करनी चाहिए जिसमें परीक्षाएं समय पर हों, पेपर लीक पर पूरी तरह रोक लगे।

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पुणे में एमपीएससी के खिलाफ आंदोलन ने उन मांगों पर जोर दिया है जो परीक्षा में धांधली को रोकने के लिए कड़े कानूनी कदमों का आग्रह करती है तथा संस्थागत विश्वास के साथ शासकीय ढांचे में ईमानदारी व पारदर्शिता पर जोर देती हैं। मुद्दा यह भी है कि इस आंदोलन की दिशा अब क्या होगी? पुणे पुलिस ने हाईकोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए आंदोलनकारियों को सार्वजनिक सड़कों व पुलों से हट जाने को कहा है।

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

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