

वर्धा. नागपुर में 7 दिसंबर से शीतसत्र प्रारंभ होने जा रहा है. ऐसे में सोमवार, 4 दिसंबर जिले में आंदोलन, मोर्चा व धरना प्रदर्शन के नाम रहा. विविध संगठन व दलों ने सरकार व प्रशासन का ध्यान खींचा. महा. राज्य अंगणवाडी कर्मचारी कृति समिती, सिटू व आयटक की अगुवाई में जिले की अंगणवाडी सेविका व सहायिकाओं ने 4 दिसंबर से बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी है.
सोमवार को छत्रपति शिवाजी महाराज चौराहे से विशाल मोर्चा निकाल कर सोशलिस्ट चौक-इतवारा चौक-पोस्ट ऑफिस चौक से होकर जिला परिषद पर दस्तक दी. पश्चात मोर्चा के बाद सभा आयाजित की गई. इस प्रसंग पर म.रा. सिटु उपाध्यक्ष यशवंत झाडे, वर्धा जिला सिटू महासचिव भैय्याजी देशकर, आयटक के दिलीप उटाणे, रंजना सावरकर, कल्पना चहांदे, वंदना कोलंबकर, संजय भगत ने मार्गदर्शन किया.
शिष्टमंडल के अतिरिक्त सूरज गोहाड, उपमुकाअ सुनील मेसरे के माध्यम से सरकारी कर्मियों का दर्जा दें, मासिक पेन्शन, ग्रैज्युईटी, भत्ता, सामाजिक सुरक्षा, बीमा लागू करने, सेविका व सहायिका को केंद्र व राज्य सरकार द्वारा प्राप्त मानधन एकत्रित कर हर माह की 10 तारीख तक वेतन दिया जाये सहित कुल 14 मांगों का ज्ञापन भेजा. एक कतार में निकले मोर्चा से मार्ग का परिवाहन प्रभावित हुआ था. मोर्चा में राज्य कमेटी सदस्य ललीता पुणेवार, वर्धा जिला अध्यक्ष अर्चना मोकाशी, सचिव गुंफा कटारे, उपाध्यक्ष रंजना सावरकर, सविता जगताप, कांता भोंडे, मंगला लांडगे, निता भोवरे, आयटक की मंगला इंगोले, मैना उईके, ज्ञानेश्वरी डंभारे, माला भगत, सुनंदा आखाडे, प्रभा भांडेकर, अर्चना येलोरे बड़ी संख्या में अंगणवाडी केंद्र की सेविका व सहायिकायें शामिल हुई थी.
अतिक्रमधारक झोपड़पट्टीवासियों ने सोमवार को जमीन पट्टो की मांग के लिये जिलाधिकारी कार्यालय पर दस्तक दी़ रिपब्लिकन पार्टी आफ इंडिया वर्धा जिलाध्यक्ष विजय आगलावले की अगुवाई में जिलाधिकारी को मांगों का ज्ञापन सौंपा. जिले के ग्रामीण क्षेत्र में सरकारी जगह पर जरुरतमंद गरीब परिवार व बीपीएलधारक अतिक्रमण कर 15, 20 वर्षो से निवासित है़. अनेकों को आवास मंजूर हुए है़ं कुछ लोगों ने गावठान की खाली जगह पर झुग्गिया बना ली है़ं सभी परिवार अनेक वर्षों से जमीन पट्टों के लिये तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे है़ं गुट ग्रापं दिग्रस अंतर्गत परसोडी में 15 वर्ष से 35 परिवार बीपीएलधारक वनविभाग की जगह पर निवासित है़.
उक्त ग्रापं अंतर्गत पिपरा को सरकारी जगह उपलब्ध है. वही जगह मंजूर की जाये़ वायगांव निपानी में सरकारी जगह पर बहिरुपी समाज की 20 वर्षों से बस्ती है़ उनसे टैक्स वसूला जा रहा है. उन्हें आवास मंजूर हुए है़ं जऊलगांव के गरीब परिवार गावठान में शेष जगह पर मकान बनाकर निवासित है़ं ग्रापं ने ठहराव भी दिया है. करंजी काजी व आष्टी में भी यही स्थिति है़ सिंदी मेघे में सरकारी जगह पर निवासित अतिक्रमधारक, मांडवगड व तरोडा में पारधी समाज के लोगों ने मकान बना लिये़ सभी को जमीन के पट्टे प्रदान किये जाये, ऐसी मांग है़ मोर्चा में अजय मेहरा, वसंत भगत, प्रकाश पाटिल, धम्मा शंभरकर, अमोल दाभने, लोहवे, विजय नगराले सहित अनेक परिवार शामिल हुए थे.
महाराष्ट्र राज्य के आपले सरकार सेवा केंद्र के संगणक परिचालकों ने अपनी मांगों को लेकर जिप के समक्ष धरना आंदोलन किया़ सभी संगणक परिचालकों को आकृतिबंध में समाविष्ट कर वेतन माह की तारीख में निश्चित तिथि को दिया जाये. समाविष्ट काल में लागत होने पर न्यूनतम 20 हजार तक प्रतिमाह वेतन वर्तमान स्थिति में दिया जाये़ नियमबाह्य काम न लादे जाये. इसका अतिरिक्त मुआवजा दिया जाये़ काम के बारे में दी गई टार्गेट सिस्टम पुर्णता: बंद किया जाये़ बकाया मानधन शीघ्र दिया जाये़ सहित विविध मांगों का ज्ञापन में समावेश किया गया़ 8 नवम्बर को बेमियादी काम बंद आंदोलन शुरू है.
20 नवम्बर को एक दिवसीय धरना आंदोलन हुआ़ 28 नवम्बर को जिप के समक्ष धरना दिया गया़ आंदोलन मंडप को विधायक डा़ पंकज भोयर ने भेंट देकर चर्चा की़ आंदोलनकारी परिचालकों को आश्वस्त किया गया़ इस प्रसंग पर भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील गफाट, गुंड्डू कावले, निलेश किटे मौजूद थे़ आंदोलन में महाराष्ट्र राज्य संगणक परिचालक संगठन के जिलाध्यक्ष पराग दांडेकर, उपाध्यक्ष अमोल माहोरे, सचिन शारदा तडस सहित बड़ी संख्या में संगणक परिचालक शामिल हुए थे.