Hindi news, हिंदी न्यूज़, Hindi Samachar, हिंदी समाचार, Latest Hindi News
X
  • देश
  • महाराष्ट्र
  • विदेश
  • खेल
  • मनोरंजन
  • नवभारत विशेष
  • वायरल
  • धर्म
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • करियर
  • टेक्नॉलजी
  • यूटिलिटी
  • फैक्ट चेक
  • हेल्थ
  • ऑटोमोबाइल
  • वीडियो

  • वेब स्टोरीज
  • फोटो
  • होम
  • विडियो
  • फटाफट खबरें

नवभारत निशानेबाज: आप पुराना समय क्यों भूले, घर-घर होते मिट्टी के चूल्हे

Cooking Gas Crisis: रसोई गैस संकट के बीच ‘मिट्टी के चूल्हे’ वाली कहावत पर आधारित यह व्यंग्य घरेलू विवाद, समाज की मानसिकता और बदलती परिस्थितियों पर हल्के-फुल्के अंदाज में कटाक्ष करता है।

  • Written By: अंकिता पटेल
Updated On: Mar 16, 2026 | 06:50 AM

LPG Shortage Commentary: नवभारत डिजाइन फोटो

Follow Us
Close
Follow Us:

LPG Shortage Commentary: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, कहावत है घर-घर में मिट्टी के चूल्हे रहते हैं। इसका तात्पर्य है कि हर घर में कोई विवाद, मतभेद या छोटा-मोटा झगड़ा चलता है। इसलिए किसी की आलोचना करना ठीक नहीं है, बर्तन साथ में रहेंगे तो टकराएंगे ही।’

हमने कहा, ‘रसोई गैस के संकट में आपको चूल्हे की याद आ गई। लोग गुस्से में यह भी कहते हैं कि हमारी बात नहीं मानते तो चूल्हे में जाओ। किसी को निकम्मेपन के लिए डांटी तो वह उल्टा जवाब देता है में क्या अब तक भाड़ झोंक रहा था।’

पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, इस समय बात चूल्हे की हो रही है। चूल्हा मानव का बड़ा आविष्कार है। आदिमानव ने चकमक पत्थर रगड़कर तीन पत्थरों के चूल्हे में लकड़ियों को जलाया और शिकार को भूनकर खाया। अब भी चाहो तो 3 ईंटें रखकर चूल्हा बना लो।’

सम्बंधित ख़बरें

16 मार्च का इतिहास: सचिन तेंदुलकर ने बनाया शतकों का शतक

नवभारत संपादकीय: संतुलित विदेश नीति पर चल रहा देश

नवभारत विशेष: युद्ध के कारण तेल से भी भयावह जल संकट

अकोला में गैस संकट: तीसरे दिन भी एजेंसियों पर लंबी कतारें; होटल व्यवसाय ठप, चूल्हे पर खाना बनाने की नौबत

हमने कहा, ‘पंजाब में सांझा चूल्हा होता है। अपने घरों से महिलाएं, गूंथा हुआ आटा लेकर आती हैं और वहां बारी-बारी से रोटियां बना लेती हैं, आपस में उनकी बातचीत भी चलती रहती है। ब्लैक एंड व्हाइट टीवी के जमाने में सांझा चूल्हा नामक सोप ऑपेरा या सीरियल हमने देखा था। गांव-देहात में जहां जलाऊ लकड़ी, गोबर के कंडे, कपास या तुअर की फसल के डंठल आसानी से मिल जाते हैं, वहां अब भी चूल्हा जलाया जाता है। हाईवे में पड़ने वाले ढाबे में लकड़ियों से तंदूर जलाया जाता है। उसमें तंदूरी रोटी बनती है। बारबेक्यू करने के लिए सलाख में पनीर, शिमला मिर्च, टमाटर लगाकर कोयले की आंच पर सेका जाता है। चूल्हे के खाने का स्वाद ही अलग होता है। आप मटका रोटी खाकर देखिए तो पता चलेगा। गैस के संकट की वजह से लोग फिर केरोसिन के स्टोव, कोयले की सिगड़ी और लकड़ी के चूल्हे पर वापस लौटेंगे। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबों और ग्रामीणों के लिए उज्ज्वला योजना शुरू की थी ताकि महिलाओं को चूल्हा फूंकने से उठने वाले धुएं से राहत मिले लेकिन उन्हें क्या पता था कि ईरान युद्ध के कारण गैस की कमी से जूझना पड़ेगा।’

यह भी पढ़ें:-BAN vs PAK: बांग्लादेश ने पाकिस्तान को रोमांचक मुकाबले में 11 रनों से हराया, 11 साल बाद जीती वनडे सीरीज

पड़ोसी ने कहा, ‘कभी चूल्हे का जिक्र फिल्मी गाने में भी होता था। महमूद का गाना आपको याद होगा मेहबूबा मेहबूबा, बनालो मुझे दूल्हा, जला दो मेरा चूल्हा।’

लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा

Kitchen gas crisis chulha satire social commentary

Get Latest   Hindi News ,  Maharashtra News ,  Entertainment News ,  Election News ,  Business News ,  Tech ,  Auto ,  Career and  Religion News  only on Navbharatlive.com

Published On: Mar 16, 2026 | 06:50 AM

Topics:  

  • Latest Hindi News
  • LPG
  • Navbharat Editorial

Popular Section

  • देश
  • विदेश
  • खेल
  • लाइफ़स्टाइल
  • बिज़नेस
  • वेब स्टोरीज़

States

  • महाराष्ट्र
  • उत्तर प्रदेश
  • मध्यप्रदेश
  • दिल्ली NCR
  • बिहार

Maharashtra Cities

  • मुंबई
  • पुणे
  • नागपुर
  • ठाणे
  • नासिक
  • अकोला
  • वर्धा
  • चंद्रपुर

More

  • वायरल
  • करियर
  • ऑटो
  • टेक
  • धर्म
  • वीडियो

Follow Us On

Contact Us About Us Disclaimer Privacy Policy Terms & Conditions Author
Marathi News Epaper Hindi Epaper Marathi RSS Sitemap

© Copyright Navbharatlive 2026 All rights reserved.