India T20 World Cup ( सोर्स: सोशल मीडिया )
India T20 World Cup: पहली बार इतिहास रचा गया। आईसीसी टी-20 वर्ल्ड कप को इसके पहले किसी मेजबान देश ने नहीं जीता था और न ही किसी ने अपनी बादशाहत को बरकरार रखते हुए इस ट्रॉफी को लगातार दो बार उठाया था।
महत्वपूर्ण यह भी है कि रिकॉर्ड तीन बार भी इसे किसी ने नहीं जीता था। भारत ने यह तीनों कारनामे कर दिखाए और वह अहमदाबाद के उसी नरेंद्र मोदी स्टेडियम में, जहां नवंबर 2023 के ओडीआई विश्व कप के फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से शिकस्त हासिल करने के बाद सभी भारतीय खेल प्रेमियों के दिल टूट गए थे।
आज तक खेल प्रेमी महसूस करते हैं। इस बार ऑस्ट्रेलिया तो ग्रुप स्टेज में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गया, लेकिन उसका पड़ोसी न्यूजीलैंड भारत को टक्कर देने के लिए फाइनल में पहुंचा और भारत ने एकतरफा जीत हासिल की, जो रिकॉर्ड बन गई।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 255 का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर 19 ओवर में न्यूजीलैंड को मात्र 159 पर समेटकर रिकॉर्ड 96 रन के अंतर से ट्रॉफी उठा ली।
भारत ने यह ट्रॉफी सबसे पहले इस प्रतियोगिता के पहले संस्करण में महेंद्र सिंह धोनी (2007) के नेतृत्व में जीती थी, फिर रोहित शर्मा (2024) की कप्तानी में और अब (2026) सूर्यकुमार यादव ने इसे उठाया है।
टी-20 के इस खिताबी सफर तक कुछ खिलाड़ियों का व्यक्तिगत प्रदर्शन इतना महत्वपूर्ण रहा कि अगर वह देखने को न मिलता तो कहानी शायद कुछ और ही लिखी जाती।
दरअसल, विश्व कप तक जाने वाले मार्ग में अनेक बाधाएं व मुश्किलें मौजूद थीं, जिन्हें दूर करने के लिए खिलाड़ियों ने मैच जिताने वाला प्रदर्शन किया और कारवां आगे बढ़ता हुआ अपनी मंजिल तक पहुंच ही गया।
भारत सुपर 8 के अपने ग्रुप में दक्षिण अफ्रीका से 76 रन से हार गया था, अब ऐसे में वेस्टइंडीज के खिलाफ तो मैच वर्चुअल क्वार्टरफाइनल हो गया था। वेस्टइंडीज ने 195 रन का कठिन लक्ष्य रखा, लेकिन इसे पार करने के लिए संजू सैमसन ने 50 गेंदों में नाबाद 97 रन बनाए और टी-20 विश्व कप मैचों में सबसे बड़े स्कोर को चेज करने का रिकॉर्ड बनाया।
अब सैमसन की लय लौट आई थी और उन्होंने सेमीफाइनल में इंग्लैंड के खिलाफ 42 गेंदों में 89 रन और फाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ भी 89 रन बनाए, जिसकी वजह से उन्हें प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट से सम्मानित किया गया, फाइनल तो न्यूजीलैंड पहले 6 ओवर में ही हार गया था, जब उसने सपाट पिच पर टॉस जीतने के बाद भारत को पहले बल्लेबाजी करने का अवसर दिया और भारत ने पॉवर प्ले में बिना विकेट खोए रिकॉर्ड 92 रन बना दिए।
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इसकी बदौलत ही भारत पहली टीम बन सकी जिसने टी-20 विश्व कप के दोनों सेमीफाइनल (253) व फाइनल (255) में 250 प्लस के स्कोर किए, इसके अतिरिक्त टी-20 विश्व कप के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ कि टॉप तीन बैटर्स ने एक ही पारी में अर्द्धशतक लगाए, सैमसन (89), अभिषेक शर्मा (52) और ईशान किशन (54)।
भारत ने यह विश्व कप अपने बैटर्स की बदौलत जीता। टॉप 5 रन बनाने वालों में दो भारतीय सैमसन (321 रन के साथ तीसरे स्थान पर) व किशन (317 रन के साथ चौथे स्थान पर रहे।
बुमराह (14 विकेट) च वरुण चक्रवर्ती (14 विकेट) के योगदान को भी अनदेखा नहीं किया जा सकता, क्योंकि दोनों ने इस प्रतियोगिता में सर्वाधिक विकेट लिये।
आज तक खेल प्रेमी महसूस करते हैं। इस बार ऑस्ट्रेलिया तो ग्रुप स्टेज में ही प्रतियोगिता से बाहर हो गया, लेकिन उसका पड़ोसी न्यूजीलैंड भारत को टक्कर देने के लिए फाइनल में पहुंचा और भारत ने एकतरफा जीत हासिल की, जो रिकॉर्ड बन गई।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 255 का विशाल स्कोर खड़ा किया और फिर 19 ओवर में न्यूजीलैंड को मात्र 159 पर समेटकर रिकॉर्ड 96 रन के अंतर से ट्रॉफी उठा ली।
लेख- शाहिद ए चौधरी के द्वारा