निशानेबाज: स्विट्जरलैंड की शान दावोस निवेश के लिए विदेश में प्रवेश
Maharashtra Investment: मुंबई जैसी आर्थिक राजधानी होते हुए भी निवेश घोषणाएं दावोस में क्यों होती हैं? क्या यह उद्योग लाने की रणनीति है या सिर्फ ग्लैमर और आडंबर का खेल?
- Written By: अंकिता पटेल
नवभारत डिजाइ फोटो
नवभारत डिजिटल डेस्क: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, हमारी इच्छा किसी बड़े उद्योग या प्रोजेक्ट के लिए निवेश करने की है। बताइए कि इसे कहां, कब और कैसे करें? क्या मुंबई जैसी मायानगरी जाकर धन रूपी माया का निवेश प्रस्ताव सरकार के सामने रखें? महाराष्ट्र के विकास के लिए उसकी राजधानी मुंबई में ही यह कार्य संपन्न करना कैसा रहेगा?
‘ हमने कहा, ‘मुंबई के माहौल में राजनीति हो सकती है, लेकिन निवेश के लिए अपना प्रस्ताव लेकर स्वदेश की बजाय विदेश में प्रवेश करना होगा। यही स्पष्ट संदेश है। हमारा दावा है कि इसके लिए दावोस सबसे बढ़िया लोकेशन है। जरा सोचिए कि मुंबई की भागदौड़, आपाधापी और तनाव भरी जिंदगी से बाहर निकालकर स्विट्जरलैंड की सुहानी वादियों में सुकून के साथ बिल्कुल फ्री और रिलैक्स होकर बिजनेस समिट करना उचित है। भारत के नामी उद्योगपति और बिजनेस हाउसेज यदि स्वदेश में रहकर ही इन्वेस्टमेंट की बात करें तो इसमें क्या मजा आएगा? इसमें कुछ शान-शौकत, ग्लैमर भी रहना चाहिए, उद्योगपति और नेता भले ही यहां के हों लेकिन इन्वेस्टमेंट की घोषणा विदेशी धरती पर होनी चाहिए, इससे माहौल बनता है। विदेश में बिजनेस समिट की खबरों की मीडिया में हेडलाइन बनती है और महाराष्ट्र का गौरव बढ़ता है।
‘ पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने भी दावोस जाकर बिजनेस समिट की थी। बड़े-बड़े निवेश प्रस्तावों की घोषणा हुई थी, लेकिन मध्य प्रदेश में कोई उद्योग नहीं आया। सबकुछ आडंबर या दिखावा बनकर रह गया था।
सम्बंधित ख़बरें
राज ठाकरे बर्थडे स्पेशल: तस्वीरों में देखिए मराठी मानुस से टोल नाके तक, MNS प्रमुख के 7 सबसे बड़े आंदोलन
राज ठाकरे की ‘इन’ बातों से आप कैसे रह गए अनजान, कार्टूनिस्ट से राजनीति के करिश्माई नेता बनने तक का सफर
Raj Thackeray Birthday Special: करिश्माई भाषण, फायरब्रांड नेता की छवि… फिर भी सत्ता से दूर क्यों MNS प्रमुख?
सिर्फ 12 घंटे में दिल्ली से मुंबई, 20 जून बाद पूरी तरह खुल सकता है एक्सप्रेसवे
यह भी पढ़ें:-जाधववाड़ी एपीएमसी में अवैध प्लॉटिंग का भंडाफोड़, चार अधिकारियों को नोटिस; रजिस्ट्रार ने मांगा जवाब
‘ हमने कहा, ‘प्रगतिशील व महत्वाकांक्षी महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई देश की इकोनॉमिक कैपिटल है। उसकी कृषिप्रधान मध्य प्रदेश से तुलना मत कीजिए, सागर के भीतर महासागर नहीं समा सकता, लेकिन राष्ट्र के भीतर महाराष्ट्र जरूर है। उद्योग या बड़े प्रोजेक्ट के लुभावने सपनों के साथ दावोस में जोश के साथ एमओयू या आशयपत्र पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसकी खुशियां मनाइए और उम्मीद के झूले पर झूलते रहिए कि निवेश आएगा।’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
