
मोदी सरकार सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली हेडन लूंग के इस बयान पर भड़क गई है कि नेहरू का भारत आज वहां पहुंच गया है जहां मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक लगभग आधे से ज्यादा सांसदों पर क्रिमिनल केस पेंडिंग है जिनमें रेप और मर्डर के केस भी शामिल हैं. यह बात भले ही कटु लगे लेकिन सिंगापुर के पीएम ने आईना दिखाते हुए सच्चाई का बखान किया है. सरकार की नाराजगी का दूसरा बड़ा कारण यह भी है कि प्रधानमंत्री मोदी हमेशा संसद के भीतर और बाहर जवाहरलाल नेहरू की तीखी आलोचना करते हैं लेकिन सिंगापुर के पीएम ने मुक्त कंठ से नेहरू की प्रशंसा की है.
उनके बयान से सख्त नाराज सरकार के विदेश मंत्रालय ने आपत्ति जताने के लिए सिंगापुर के राजदूत को तलब किया है. ली हेडन लूंग ने लोकतंत्र पर भाषण देते हुए नेहरू सहित विश्व के कई नेताओं का जिक्र किया और कहा कि जो नेता आजादी के लिए लड़े, वो महान थे. उनमें गजब का साहस और कबिलियत थी. ऐसे नेताओं में इजराइल के डेविड बिन गुरिओं और जवाहरलाल नेहरू शामिल थे. वे आग में तपकर निखरे. हमारे पास भी ऐसे नेता रहे.
ली के बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि सिंगापुर के पीएम ने नेहरू की मिसाल देकर बताया है कि लोकतंत्र को किस तरह काम करना चाहिए पूर्व पीएम मनमोहन सिंह ने कहा कि बीजेपी 7 वर्ष से भी ज्यादा समय से सत्ता में है लेकिन जनता की समस्याओं के लिए नेहरू को दोष देती रहती है.
कांग्रेस नेता दिग्विजयसिंह ने कहा कि ली हेडन लूंग और मोदी में यही फर्क है. ली सिंगापुर को विकास की नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं लेकिन मोदी देश को झूठे वादों से बहला रहे हैं. मोदी कितनी भी कोशिश कर लें, आधुनिक भारत के निर्माता के रूप में नेहरू अमर रहेंगे. इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने टि्वटर पर कहा कि नेहरू, लोकतंत्र के बहुत बड़े प्रतीक हैं. सिंगापुर के पीएम ने लोकतांत्रिक समाज बनाने की बात कहते हुए नेहरू का उल्लेख किया. आशा है हमारे पीएम सुन रहे होंगे.
नेहरू के बारे में लूंग ने कहा कि उनकी व्यापक व्यक्तिगत प्रतिष्ठा थी. उन्होंने अपने देश की जनता की उच्च आकांक्षाओं को पूरा करने और उसका भविष्य बनाने के लिए कठिन प्रयास किया लेकिन बाद में आनेवाली पीढ़ियां उस अभियान को कायम नहीं रख पाईं.






