नवभारत संपादकीय: कानून-व्यवस्था से विकास तक, बंगाल की अधिकारी सरकार से उम्मीदें
Bengal BJP Governance: पश्चिम बंगाल में संभावित बीजेपी सरकार से सुशासन, विकास, कानून-व्यवस्था सुधार और केंद्रीय योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है।
- Written By: अंकिता पटेल
शुभेंदु अधिकारी,(सोर्स: सोशल मीडिया)
Bengal BJP Governance Development Agenda: उम्मीद की जाती है कि पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बीजेपी की सरकार बनने के बाद अब सुशासन और विकास की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे। सभी केंद्रीय योजनाएं वहां लागू होंगी जिससे जनता लाभान्वित होगी। डबल इंजिन सरकार का फायदा लोगों को मिल सकेगा, बीजेपी सरकार ऐसा कुछ कर दिखाएगी जो लेफ्ट पार्टियों व टीएमसी के लंबे शासन में नहीं हो पाया था।
भ्रष्टाचार व गुंडागर्दी पर नकेल कसने का संकल्प व्यक्त कर नई सरकार सत्ता में आई है। कानून-व्यवस्था में चुस्ती लाते हुए भयमुक्त और भरोसेमंद शासन देने का बीजेपी का वादा है। ऐसा करने से ही बंगाल की जनता के बीच इस पार्टी की साख मजबूत होगी। जिस राज्य में 34 वर्षों तक वामपंथियों ने और 15 वर्षों तक टीएमसी ने एकछत्र हुकूमत की, वहां बीजेपी की नई सरकार को कुछ अलग अंदाज में सकारात्मक करके दिखाना होगा। सामाजिक-सांस्कृतिक धरोहर को कायम रखते हुए कल्याणकारी राज्य की संकल्पना को साकार करना होगा।
नए उद्योग स्थापित कर बेरोजगारी दूर करनी होगी। इसके अलावा अवैध घुसपैठियों की समस्या से निपटना सरकार के लिए एक बड़ी चुनौती होगी। एसआईआर के जरिए पहले ही ऐसे लोग बड़ी तादाद में छांटे जा चुके हैं जो अपनी नागरिकता का सबूत नहीं दे पाए। बंगाल में बीजेपी की जीत के फलस्वरूप दिल्ली और ढाका के बीच आपसी संबंधों की बेहतरी के लिए काम किया जा सकेगा।
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केंद्र ने बंगाल के जनमानस का व्यापक अनुभव रखने वाले दिनेश त्रिवेदी को बांग्लादेश में भारत का उच्चायुक्त नियुक्त किया है जो वहां की तारिक रहमान सरकार से संबंध सुधारने में उपयोगी होंगे। दोनों देश संयुक्त रूप से जाल प्रबंधन और तीस्ता नदी समझौते की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं। 2011 में तीस्ता समझौते में रुकावट आ गई थी।
रिश्ते सुधारने में पश्चिम बंगाल सरकार की भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी, क्योंकि बांग्लादेश उसी का निकटतम पड़ोसी है। भारत और बांग्लादेश व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते की दिशा में विचार कर सकते हैं, जो दोनों के लिए फायदेमंद साबित होगा। उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने 2024 में बांग्लादेश की पेट्रापोल बॉर्डर पर आधुनिक पैसेंजर टर्मिनल का उदघाटन किया था।
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भारत और बांग्लादेश के बीच वीजा व यात्रा प्रतिबंधों को भी सुलझाया जा सकता है। 2024 के पहले प्रतिवर्ष बांग्लादेशी नागरिकों को प्रतिवर्ष 20 लाख से अधिक वीजा जारी किए जाते थे ताकि वे पर्यटन, शिक्षा व इलाज के उद्देश्य से भारत आ सकें। दोनों देश मिलकर सड़क, रेल, बंदरगाह, ऊर्जा व डाटा लिंक को बेहतर बना सकते हैं। इससे बांग्लादेश का चीन के प्रति झुकाव कम होगा। बंगाल में बीजेपी सरकार आ जाने से केंद्र सरकार इन कदमों पर विचार कर सकती है।
