नवभारत विशेष: डिजिटल अरेस्ट जैसा ही है Astrology अरेस्ट, खरात मामला एक बड़ा उदाहरण
Astrology Fraud Cases: देश में डिजिटल अरेस्ट के साथ अब ‘एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट’ का खतरा बढ़ा। लालच और अंधविश्वास के जरिए ठगी, जिसमें महिलाएं सबसे ज्यादा शिकार बन रही हैं।
- Written By: अंकिता पटेल
Astrology Arrest Fraud India( Source: Social Media )
Astrology Arrest Fraud India: भले ही डिजिटल अरेस्ट आज देश की बड़ी समस्या बन गई हो या फिर अपराधियों की पहली पसंद, लेकिन अगर ध्यान दें तो इन दिनों एक और नए किस्म की अरेस्ट जैसी समस्या सामने आ रही है। ये है एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट। इसमें कोई एस्ट्रोलॉजर किसी को धमकाता नहीं है, न जेल में डालने की धमकी देता है।
इसके लिए वह लालच की हथकड़ी डालता है, किसी को विधायक बनवाने के सपने दिखाता है, किसी रमणी को यह भरोसा दिलाता है कि अगर वह एक कर्मकांड करा लेगी, तो जिसे चाहे गुलाम बना लेगी।
किसी को मनचाही प्रेमिका के पाने का, किसी को सपने के राजकुमार को अपना बना लेने के ख्वाब दिखाता है और नतीजे में उसी तरह जमकर ठगी अंजाम दी जा रही है, जैसे डिजिटल अरेस्ट के दौरान डर से उगाही की जाती है।
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इस एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट का शिकार सबसे अधिक महिलाएं हो रही हैं। इसमें यह फर्क नहीं है कि वह गरीब घर की हैं या फिर मंत्री, अफसर या फेमस उद्योगपतियों की पत्नियां ही क्यों न हों।
हाल ही में महाराष्ट्र का अशोक खरात मामला इसका ऐसा उदाहरण है, जो बताता है कि परिवार की सुरक्षा, तरक्की, ऊंचा पद, रोजगार, करिअर और जल्दी-जल्दी धनवान बनने की चाह में एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट कहीं ज्यादा आसान हो गया है।
डिजिटल अरेस्ट तथा एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट में अंतर क्या है? क्या दोनों एक ही सिक्के के दो पहलू हैं? दरअसल डिजिटल अरेस्ट मोबाइल या संचार माध्यम के उस उपकरण से होता है, जिससे कोई भी व्यक्ति आसानी से शिकार बन जाए।
एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट भी इसका एक अंग ही है। अपराधी जबरन धन वसूली करता है या फिर शारीरिक शोषण। डिजिटल अरेस्ट लाइव होता है और एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट भविष्य की रणनीति का हिस्सा होता है।
सरकार अथवा दूसरी एजेंसियां डिजिटल अरेस्ट के लिए तो सतर्कता अभियान चलाती हैं, शिकार के आंकड़े प्रस्तुत करती हैं, अपराधियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाती हैं। लेकिन एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट के लिए कोई भी कानून नहीं।
एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट की महिलाओं के शिकार होने के पीछे ज्योतिष विज्ञान के जानकार कहते हैं, ‘आज दुनिया में सर्वाधिक तीन बातें हैं, जिनसे भविष्यवक्ता या ज्योतिष के नाम पर ठगने वाले अपना काम कर रहे हैं। जब कोई महिला या अन्य अपनी समस्या को लेकर इन ठगों के पास जाती हैं।
तो यह उसे सबसे पहले कालसर्प दोष, पितृ दोष तथा काला जादू में फंसाते हैं। इस पर भी अगर वह बच जाती हैं, तो यह उसे यह कहकर फंसाते हैं कि उसकी समस्या क्यों नहीं सुलझ रही?’ आम तौर पर जब कोई महिला या परेशान व्यक्ति इन तथाकथित भविष्यवक्ताओं/साधकों के पास जाता है तो वह उनसे अपनी जो समस्या बताता है, उसमें उनका पति से झगड़ा, शादी नहीं होना, जिस पद के लिए वह प्रयास कर रही हैं वह नहीं मिल पाना, उनसे कमतर किसी अन्य महिला का आगे बढ़ जाना, पति या अन्य प्रिवजन की जानलेवा बीमारी, बच्चा नहीं हो पाना, हाथ में धन नहीं रुकना, प्रेमी द्वारा धोखा दिया जाना जैसी समस्याएं शामिल होती है, जब एस्ट्रोलॉजी अरेस्टर समझ जाता है कि यह आसान शिकार है तो वह अपना काम आरंभ कर देता है। इसमें कालरात्रि की पूजा, रात को अघोर पूजा, सिर्फ महिला के साथ तांत्रिक पूजा, काला जादू के साथ ही ग्रहों को वश में करने की बात तक शामिल हो जाती है।
खरात मामला एक बड़ा उदाहरण
अशोक खरात तो एक उदाहरण मात्र है, असलियत में हजारों मामले सामने ही नहीं आ पाते। कानून के जानकार मानते हैं कि डिजिटल अरेस्ट में हमें सबूत बहुत जल्दी मिल जाते हैं।
लेकिन एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट में हमें शारीरिक शोषण या आर्थिक शोषण सिद्ध करने में जबरदस्त मेहनत करनी पड़ती है। कई बार सबूतों का अभाव सजा से बचा लेता है।
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एस्ट्रोलॉजी अरेस्ट में एक जो समानता देखी गई है, वह यह है कि इसमें भविष्यवक्ता या गुरु बनने वाला व्यक्ति राजनैतिक, प्रशासनिक स्तर पर मजबूत पकड़ रखता है और जब वह पकड़ा जाता है, तो उसके पीछे कई शक्तियां क्रिय हो जाती है।
लेख-मनोज वार्णय के द्वारा
