निशानेबाज: डोभाल नहीं करते मोबाइल इस्तेमाल, भारत के जेम्स बॉन्ड का यह हाल
Ajit Doval: राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के मोबाइल-इंटरनेट से दूरी को लेकर एक दिलचस्प संवाद सामने आया है। डोभाल इंटरनेट और मोबाइल से परहेज करते हैं। वह इनका बहुत ही कम इस्तेमाल करते हैं।
- Written By: आकाश मसने
प्रतीकात्मक तस्वीर (फोटो नवभारत)
Ajit Doval Communication System: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, अत्यंत आश्चर्य की बात है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल इंटरनेट और मोबाइल से परहेज करते हैं। वह इनका बहुत ही कम इस्तेमाल करते हैं। यदि ऐसी बात है तो वह देश की सुरक्षा से संबंधित जरूरी सूचनाएं कैसे हासिल करते होंगे? उनका कम्युनिकेशन कैसे होता होगा ? वे प्रधानमंत्री व गृहमंत्री से कैसे संपर्क करते होंगे?’
हमने कहा, ‘हर बात का खुलासा नहीं किया जा सकता। डोभाल ने बताया कि बातचीत करने के ऐसे दूसरे भी तरीके होते हैं, जिनके बारे में आम लोगों को जानकारी नहीं होती। जब विदेश में किसी से संपर्क करना हो तभी वह फोन या इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं। डोभाल को भारत का स्पाई मास्टर या इंडियन जेम्स बॉन्ड कहा जाता है। आपने जेम्स बॉन्ड या 007 की फिल्मों में देखा होगा कि उस ब्रिटिश जासूस के पास अलग-अलग किस्म की आश्चर्यजनक डिवाइस होती हैं। ऐसा ही कुछ डोभाल के पास भी होगा।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, यह भी संभव है कि अजीत डोभाल मानसिक शक्ति से संवाद कर लेते होंगे जिसे टेलीपैथी कहा जाता है। द्रौपदी ने कौरवों की सभा में चीरहरण के समय इसी टेलीपैथी से द्वारिका में मौजूद कृष्ण भगवान को पुकारा था तो उन्होंने तुरंत वस्त्रावतार लेकर द्रौपदी की लाज बचाई थी। जब सीता स्वयंवर के समय राम ने शिव का धनुष तोड़ा तो परशुराम को तुरंत पता लग गया और वह पल भर में हजारों मील दूर से मिथिला आ पहुंचे थे। डोभाल के पास भी ऐसी ही कोई शक्ति होगी क्योंकि मोदी हैं तो मुमकिन है।’
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हमने कहा, ‘आपको वह समय भी याद होगा जब लैंडलाइन फोन भी इने-गिने लोगों के घर में रहा करता था। उसे हासिल करने के लिए कई वर्ष वेटिंग लिस्ट में रहना पड़ता था। टेलीफोन एडवाइजरी कमेटी की सिफारिश पर मुश्किल से कनेक्शन मिलता था। ट्रंक कॉल लगाओ तो घंटों प्रतीक्षा करनी पड़ती थी। फिर पेजर आया। 1996 के आसपास मोबाइल फोन आया। तब नोकिया के बड़े-बड़े मोबाइल हुआ करते थे। कॉल रिसीव करने और रोमिंग पर भी चार्ज लगा करता था। आज स्मार्टफोन में सारी दुनिया समाई हुई है।’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, डोभाल विलक्षण प्रतिभाशाली व्यक्ति हैं। उनका दिमाग इतना तेज है कि इंटरनेट को मात देता है। वह मोबाइल से चिपके रहकर अपना समय बर्बाद नहीं करते।’
लेख-चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
