आज इजरायल दौरे पर रवाना होंगे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (सोर्स- सोशल मीडिया)
PM Modi Israel Visit 2026: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 25-26 फरवरी को इजरायल की दो दिवसीय अहम यात्रा पर जा रहे हैं। उनके आगमन से पहले ही इजरायल की संसद को भारतीय तिरंगे की रोशनी से सजाया गया है। यह यात्रा 2017 की ऐतिहासिक यात्रा के बाद उनकी दूसरी इजरायल यात्रा है और तीसरे कार्यकाल के दौरान पहली। पश्चिम एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात और ईरान-अमेरिका तनाव के बीच यह दौरा भारत-इजरायल संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।
इस यात्रा के दौरान दोनों देशों के बीच एक महत्वपूर्ण सुरक्षा समझौते पर हस्ताक्षर की उम्मीद है। प्रस्तावित समझौते में संवेदनशील तकनीक साझा करने और संयुक्त उत्पादन पर विशेष जोर रहेगा। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इजरायल 2026 तक भारत के साथ करीब 8.6 अरब डॉलर के रक्षा सौदों पर सहमत हो सकता है। इससे वह फ्रांस के बाद भारत का दूसरा सबसे बड़ा हथियार आपूर्तिकर्ता बन जाएगा।
इन संभावित सौदों में SPICE 1000 प्रिसिजन गाइडेंस बम, रैम्पेज एयर-टू-सरफेस मिसाइल (250 किमी रेंज), एयर लोरा एयर-लॉन्च बैलिस्टिक मिसाइल और 300 किमी रेंज वाला आइसब्रेकर मिसाइल सिस्टम शामिल हो सकते हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत इजरायल से अतिरिक्त हेरोन एमके-2 मीडियम एल्टीट्यूड लॉन्ग एंड्यूरेंस (MALE) ड्रोन खरीदने की योजना बना रहा है। यह ड्रोन एक बार में लगभग 45 घंटे तक उड़ान भर सकता है, करीब 470 किलोग्राम भार ले जा सकता है और 35,000 फीट की ऊंचाई तक पहुंच सकता है। यह हर मौसम में संचालन में सक्षम है।
इजरायल ने भारत को आयरन डोम एयर डिफेंस सिस्टम की तकनीक ट्रांसफर करने का प्रस्ताव भी दिया है। यह एक मोबाइल वायु रक्षा प्रणाली है, जिसे राफेल एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स और इजरायल एयरोस्पेस इंडस्ट्रीज ने विकसित किया है।
आयरन डोम कम दूरी के रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन हमलों को रोकने के लिए बनाया गया है। इसमें रडार, कंट्रोल सेंटर और मिसाइल लॉन्चर शामिल होते हैं। तमीर इंटरसेप्टर मिसाइल दुश्मन के हमले को हवा में ही नष्ट कर देती है। इसकी सफलता दर करीब 90 प्रतिशत बताई जाती है।
25 फरवरी को इजरायल पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का स्वागत प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और उनकी पत्नी सारा करेंगे। दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक होगी। इसके बाद प्रधानमंत्री यरुशलम में नेसेट को संबोधित करेंगे, जो किसी विदेशी नेता को दिया जाने वाला विशेष सम्मान माना जाता है।
यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इजरायल के शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और उनके सम्मान में एक निजी रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा। अगले दिन वे राष्ट्रपति आइजैक हर्जोग से मिलेंगे और होलोकॉस्ट स्मारक वाशेम मेमोरियल सेंटर जाकर श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
इस दौरे में कई समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार, समझौतों के तहत एक विशेष तंत्र विकसित किया जा सकता है, जिससे नए सहयोग क्षेत्रों के द्वार खुलेंगे।
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इजरायल के विपक्षी नेता याइर लैपिड ने भी प्रधानमंत्री मोदी के दौरे का स्वागत किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि पूरा इजरायल प्रधानमंत्री मोदी के स्वागत के लिए उत्साहित है और भारत-इजरायल संबंध केवल रणनीतिक नहीं, बल्कि गहरी मित्रता का प्रतीक हैं।
Ans: यह दौरा रक्षा, तकनीक और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिहाज से अहम है। पश्चिम एशिया की बदलती भू-राजनीतिक स्थिति में भारत-इजरायल सहयोग को नई दिशा देने की उम्मीद है।
Ans: संभावित समझौतों में उन्नत मिसाइल सिस्टम, प्रिसिजन गाइडेड बम, ड्रोन और संयुक्त उत्पादन से जुड़ी तकनीक साझेदारी शामिल हो सकती है, जिससे भारत की सैन्य क्षमता बढ़ेगी।
Ans: आयरन डोम एक मोबाइल एयर डिफेंस सिस्टम है, जो कम दूरी के रॉकेट, मिसाइल और ड्रोन को हवा में ही मार गिराने में सक्षम है। इसकी सफलता दर लगभग 90 प्रतिशत बताई जाती है।
Ans: यह MALE श्रेणी का ड्रोन है जो करीब 45 घंटे तक उड़ान भर सकता है, 35,000 फीट ऊंचाई तक जा सकता है और हर मौसम में निगरानी व मिशन संचालन कर सकता है।
Ans: यह पीएम मोदी की दूसरी इजरायल यात्रा और तीसरे कार्यकाल की पहली यात्रा है। इससे दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और कूटनीतिक रिश्तों को और मजबूती मिलने की संभावना है।