Navabharat Nishanebaaz: लापता हुआ करोड़ों का केला, पेरिस के संग्रहालय में झमेला
Banana Artwork Theft: 55 करोड़ रुपये की केले वाली कलाकृति के गायब होने की घटना ने मॉडर्न आर्ट की कीमत, उसकी रचनात्मकता और कला को देखने-समझने के नजरिए पर नई बहस छेड़ दी है।
- Written By: अंकिता पटेल
(सोर्स: नवभारत डिजाइन फोटो)
Maurizio Cattelan Banana Artwork: पड़ोसी ने हमसे कहा, ‘निशानेबाज, फ्रांस के सेंटर पॉम्पीदु-मेट्ज संग्रहालय से 55 करोड़ रुपए का केला गायब हो गया। यह एक मशहूर कलाकृति थी, जिसे इटली के कलाकार मौरिजियो कैटेल ने तैयार किया था। इस आर्टपीस में असली केले को दीवार पर डक्ट डेप से चिपकाकर प्रदर्शित किया गया था।’ हमने कहा, ‘यह भी एक सनक है। 60 रुपए दर्जन बिकने वाला केला 55 करोड़ का कैसे हो गया?’
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, कला के कद्रदान कीमत की परवाह नहीं करते। जस्टिन सन नामक उद्यमी ने 62 लाख डॉलर में यह केले वाली कलाकृति खरीदी और मीडिया के सामने इस पिकासो, रैम्ब्रां, वान गॉग की पेंटिंग बेशकीमती मानी जाती हैं। मॉडर्न आर्ट और क्रिएटिविटी को समझने के लिए कला दृष्टि या एस्थेटिक सेन्स होना बहुत जरूरी है, वरना पिकासो की पेंटिंग में पेट में आंख बनी देखकर आपको विचित्र लगेगा। नागपुर में भाऊ समर्थ मॉडर्न आर्ट बनाते थे, जिनकी इस वर्ष जन्मशताब्दी मनाई जा रही है। वह मशहूर चित्रकार रजा के दोस्त थे। रजा फ्रांस जाकर रहने लगे थे। बेयरफूट आर्टिस्ट कहलाने वाले मकबूल फिदा हुसैन की पेंटिंग बहुत ऊंचे दाम पर बिकती थीं। उन्होंने माधुरी दीक्षित को लेकर ‘गजगामिनी’ नामक फिल्म बनाई थी। मॉडर्न आर्ट या एब्सट्रैक्ट आर्ट को समझना और समझाना आसान नहीं है।’
हमने कहा, ‘केले वाला आर्ट पीस कैसे टिक पाएगा? मिट्टी से बनाए गए फल की बात अलग है। असली केला तो 2 दिन में काला पड़कर गल जाता है।’
सम्बंधित ख़बरें
वर्धा के पुलगांव ने रचा इतिहास, 15 दिन में 100% गृहगणना; महाराष्ट्र में बनाया रिकॉर्ड
VNIT नागपुर का आविष्कार: वैज्ञानिकों ने बनाई ‘GeoWet’ तकनीक, कम जगह में प्रकृति की मदद से साफ होगा गंदा पानी
अग्निशमन विभाग की बंद आंखें, बिना निरीक्षण पास हो रहीं फाइलें; नागपुर में अवैध निर्माण बना जानलेवा
Fitness Tips For Desk Job: ऑफिस में घंटों बैठकर करते हैं काम? इन फिटनेस टिप्स से रखें खुद को एक्टिव
पड़ोसी ने कहा, ‘निशानेबाज, उस कलाकृति का केला हर 3 दिन में बदल दिया जाता है। उसे दीवार में नए टेप से चिपका दिया जाता है। उसका आर्ट वैल्यू वैसा ही बना रहता है और लोग टिकट लेकर उसे देखने आते हैं।’
यह भी पढ़ें:-Aaj Ka Rashifal 3 June 2026: जून के पहले बुधवार को खुलेगा इन राशियों की किस्मत का ताला, जानें अपना भविष्यफल
हमने कहा, ‘हमारे देश में भी केले का बहुत महत्व है। सत्यनारायण की पूजा में कदलीफल या केला प्रसाद में अर्पित किया जाता है। केले के तने का मंडप भी बनाते हैं। दक्षिण भारत में केले के पत्ते पर खाना खाया जाता है। केले में भरपूर पोटैशियम मौजूद रहता है। खिलाड़ी तुरंत ऊर्जा पाने के लिए केला खाते हैं। भारत में भुसावल के केले मशहूर हैं तो ब्राजील में फुटबाल का जादूगर पेले!’
लेख- चंद्रमोहन द्विवेदी के द्वारा
