मां काली की पूजा में नींबू क्यों जरूरी है, जानिए इसके पीछे की कहानी और महत्व!
हिंदू धर्म में मां महाकाली पूजनीय देवी हैं। इनकी पूजा-अर्चना करने से व्यक्ति को अकाल मृत्यु और सभी भय से छुटकारा मिल जाता है। अब ऐसे में मां काली को कब और कैसे नींबू चढ़ाने से उत्तम परिणाम मिल सकते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
मां काली (सौ.सोशल मीडिया)
आप सभी ने अक्सर देवी के मंदिर में माता काली को नींबू की माला पहने हुए देखा होगा। माता काली के अलावा दक्षिण भारत में कई देवियों को भी नींबू की माला पहनाई जाती है। पूजा-पाठ में नींबू का विशेष महत्व बताया गया है।
आपको बता दें कि नींबू का उपयोग जितना हमारे रसोई में होता है उतना ही तंत्र-मंत्र के लिए भी इसका उपयोग किया जाता है। नींबू की माला का काली पूजा में विशेष महत्व बताया गया है।
हिन्दू धर्म में मां काली को दुष्टों का संहार करने वाली और नकारात्मक शक्तियों का नाश करने वाली देवी माना जाता है। नींबू में नकारात्मक ऊर्जा को सोखने और उसे नष्ट करने की शक्ति मानी जाती है।
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धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नींबू को उन दुष्ट दैत्यों का प्रतीक माना जाता है, जिनका संहार मां काली ने किया था। जब मां काली को नींबू की माला अर्पित की जाती है, तो यह एक तरह की बलि मानी जाती है, जिसे मां स्वीकार करती हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि भक्त अपने शत्रुओं और भीतर की बुराइयों पर विजय प्राप्त करना चाहते हैं।
ज्योतिष बताते है कि, जिन भक्तों को शत्रुओं से परेशानी है या जो किसी विवाद, मुकदमे या गुप्त शत्रुओं से जूझ रहे हैं, वे मां काली को नींबू की माला या नींबू अर्पित करते हैं। ऐसी मान्यता है कि इससे शत्रु बाधा दूर होती है और व्यक्ति को विजय प्राप्त होती है। नींबू की माला पहनाने से मां काली प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों की रक्षा करती हैं। ऐसे में आइए जानते हैं, कि आखिर क्यों भक्तगण माता काली को नींबू की माला पहनाते हैं।
मां काली की पूजा में क्यों होता है नींबू का उपयोग
संकटों का निवारण
ज्योतिषयों के अनुसार, मां काली की पूजा में नींबू का उपयोग संकटों और बाधाओं को दूर करने के लिए भी किया जाता है। मां काली को नींबू चढ़ाने से भक्त की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और जीवन में आ रही परेशानियां दूर होती हैं।
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शक्ति और ऊर्जा का प्रतीक
नींबू का खट्टापन और उसकी तीखी गंध एक तीव्र ऊर्जा को दर्शाती हैं। मां काली स्वयं उग्र और शक्तिशाली रूप हैं। नींबू की तेज ऊर्जा उनके स्वरूप से मेल खाती है और उनकी शक्ति को आह्वान करने में मदद करती है।
ग्रह दोष निवारण और बुरी नजर से बचाव
नींबू का संबंध ज्योतिष में राहु और केतु जैसे छाया ग्रहों से भी माना जाता है। नींबू के तांत्रिक उपाय राहु-केतु के अशुभ प्रभाव और नजर दोष को दूर करने में भी उपयोग होते है। मां काली की पूजा में नींबू का प्रयोग बुरी नजर और काले जादू के प्रभाव को खत्म करने के लिए भी किया जाता है।
कैसे करें नींबू का उपयोग
108 नींबूओं की माला बनाकर मां काली को अर्पित की जाती है। एक या कुछ नींबू सीधे मां के चरणों में अर्पित किए जाते हैं। कुछ तांत्रिक विधियों में नींबू को काटकर, उसका गूदा निकालकर उसे दीपक की तरह इस्तेमाल किया जाता है, जिसमें तेल और बाती डालकर जलाया जाता है।
