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‘शीतला अष्टमी’ पर बासी भोजन का क्यों चढ़ता है भोग, खाते भी हैं बासी भोजन, जानिए मान्यताएं और इसका महत्व

शीतला अष्टमी के दिन व्रत और पूजन करने से जीवन खुशहाल रहता है। संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन माता की विधि-विधान से पूजा करके उन्हें बासी भोग लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है। आइए जानते हैं इस बारे में ।

  • Written By: सीमा कुमारी
Updated On: Mar 19, 2025 | 03:18 PM

मां शीतला को क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग (सौ.सोशल मीडिया)

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Sheetala Ashtami Festival 2025: माता शीतला को समर्पित शीतला अष्टमी का व्रत हर साल मार्च या अप्रैल के महीने में रखा जाता है। इस साल ये अष्टमी शनिवार, 22 मार्च को रखा जाएगा। शीतला अष्टमी को बसौड़ा के नाम से भी जाना जाता है।

यह पावन तिथि मां शीतला की पूजा के लिए समर्पित मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मां शीतला की पूजा अर्चना करने से सभी तरह के रोग-दोष से मुक्ति मिलती है और साथ-ही-साथ मां शीतला की कृपा भक्तों पर सदैव बनी रहती है।

शीतला अष्टमी के दिन व्रत और पूजन करने से जीवन खुशहाल रहता है। संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस दिन माता की विधि-विधान से पूजा करके उन्हें बासी भोग लगाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है।

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यही नहीं इस व्रत का पारण माता को लगाए बासी भोग से किया जाता है। प्रसाद के रूप में बासी भोग वितरित किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं कि शीतला अष्टमी पर बासी भोग क्यों खाया जाता है, इसका महत्व क्या है।

मां शीतला को क्यों लगाया जाता है बासी खाने का भोग

पौराणिक कथाओं के अनुसार, शीतला अष्टमी पर बासी खाना खाने की परंपरा है, जिसे बसौड़ा या बसियौरा भी कहते हैं।

यह दिन ठंड के समाप्त होने का प्रतीक है। कहा जाता है कि इस दिन शीतला माता को बासी खाने का भोग लगाना चाहिए और खुद भी बासी खाना ही प्रसाद के रूप में खाना चाहिए।

ऐसे में एक दिन पहले पवित्रता का ध्यान रखते हुए खाना बनाएं और व्रत वाले दिन देवी को यह खाना अर्पित करें। इसके साथ ही खुद भी खाएं।

ऐसा करने से माता रानी प्रसन्न होती हैं और निरोगी काया का आशीर्वाद देती हैं। साथ ही, भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरा करती हैं।

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जानिए क्या है वैज्ञानिक महत्व

अगर बात वैज्ञानिक दृष्टिकोण की करें तो बासी भोजन स्वाभाविक रूप से ठंडा होता है, जो गर्मी के मौसम में शरीर को ठंडक देता है। माता शीतला को बासी भोजन अर्पित करने की परंपरा यह संदेश देती है कि हमें इस दिन शीतलता और संतुलन बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।

Why is stale food offered on sheetla ashtami

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Published On: Mar 15, 2025 | 10:46 PM

Topics:  

  • Ma Durga
  • Religion News
  • Sheetala Ashtami

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