दाएं हाथ में राखी बांधने का महत्व (सौ.सोशल मीडिया)
प्यार और रिश्तों का त्योहार ‘रक्षा बंधन’ (Raksha Bandhan 2024) इस बार 19 अगस्त को पूरे भारतवर्ष में मनाया जाएगा। इस पावन त्योहार पर बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और उनसे अपनी रक्षा का वचन मांगती हैं। इस खास और पवित्र त्योहार पर हमें कुछ नियमों का भी पालन करना चाहिए। हालांकि आज के समय में कोई भी इन नियमों का पालन नहीं करता।
क्या आप जानते हैं कि भाई की किस हाथ की कलाई पर राखी बांधनी चाहिए। अगर नहीं, तो आइए जानें रक्षाबंधन से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें-
1- ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, राखी बांधते समय हमेशा ध्यान रखें कि भाई के दाहिने हाथ में राखी बांधना शुभ होता है। शास्त्रों के अनुसार, दाहिने हाथ या जिसे हम सीधा हाथ भी कहते हैं उसे वर्तमान जीवन के कर्मों का हाथ माना जाता है।
2- इसलिए सभी धार्मिक कार्य दाहिने हाथ से किए जाते हैं। शरीर के दाहिने हिस्से में नियंत्रण शक्ति अधिक होती है। दाहिने हाथ को वर्तमान जीवन के कर्मों का हाथ भी माना जाता है, इसलिए कहा जाता है कि भगवान दाहिने हाथ से किए गए दान और धर्म को स्वीकार करते हैं। मंदिर में पूजा के दौरान बांधा जाने वाला कलावा भी दाहिने हाथ पर ही बांधा जाता है। शास्त्रों के अनुसार, राखी भी दाहिने हाथ की कलाई पर ही बांधी जाती है।
3- दाहिने हाथ में राखी बांधने के केवल धार्मिक फायदे ही नहीं हैं बल्कि विज्ञान की दृष्टि से भी रक्षा सूत्र बांधने से शरीर को कई प्रकार के रोग से छुटकारा भी मिलता है। ऐसा इसलिए क्योंकि आयुर्वेद शास्त्र में यह बताया गया है कि, शरीर के कई प्रमुख अंगों तक पहुंचने वाली नसें कलाई से होकर गुजरती है। ऐसे में इस स्थान पर रक्षा सूत्र बांधने व्यक्ति रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह इत्यादि जैसे गंभीर बीमारियों से काफी हद तक दूर रहता है।
4- पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी दिन देवी लक्ष्मी ने दैत्यराज बलि को राखी बांधकर अपना भाई बनाया था। रक्षाबंधन का पर्व भाई -बहन के रिश्तों की अटूट डोर का प्रतीक है। इस दिन बहनें अपने भाई की आरती उतारकर, प्रेम के प्रतीक स्वरूप राखी या रक्षा सूत्र बांधती हैं। साथ ही उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए कामना करती हैं और भाई अपनी बहन की रक्षा करने का वचन देते हैं।