गुजरातियों के लिए ‘गुजराती नववर्ष’ का क्यों है बड़ा महत्व, जानिए इस दिन की ख़ासियत
गुजराती समाज के लिए नववर्ष बड़ा महत्व रखता है। इस दिन नया खाता खोलना और पुराना खाता बंद करना चोपड़ा कहलाता है। चोपड़ा पूजा में देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है ताकि आने वाला साल अधिक सकारात्मक, समृद्ध और उत्पादक बने। इसके अलावा चोपड़ा पूजन में देवी सरस्वती की भी पूजा की जाती है।
- Written By: सीमा कुमारी
गुजराती नव वर्ष, गुजरात
Gujarati New Year: दिवाली के बाद का दिन गुजरातियों के लिए एक खास महत्व रखता है, क्योंकि इस दिन वे अपना नया साल मनाते हैं, जिसे बेस्टु वरस भी कहा जाता है। इस साल गुजराती नव वर्ष 2 नवंबर शनिवार को है। इस दिन को पूरे देश में गोवर्धन पूजा के रूप में भी मनाया जाता है।
जहां कई हिंदू समुदाय चैत्र महीने में अपना नया साल मनाते हैं, वहीं, गुजराती इसे कार्तिक महीने में मनाते हैं। क्योंकि, वे इसे शुभ मानते हैं।
गणेश जी कहते हैं कि नया साल हिंदू कैलेंडर के कार्तिक महीने की शुरुआत को दर्शाता है। इस दिन लोग मंदिरों में देवी-देवताओं की पूजा करते हैं, नए कपड़े पहनते हैं, अपने परिवार के सदस्यों और करीबी लोगों को गले लगाते हैं और उन्हें नए साल की शुभकामनाएं देते हैं। ऐसे में आइए जानते हैं गुजराती नववर्ष तिथि, महत्व-
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गुजराती नववर्ष तिथि
नए साल की शुरुआत पूजा पाठ से करना शुभ माना जाता है। इससे आपके घर में खुशियों का माहौल बना रहता है, साथ ही व्यवसायिक लाभ मिलता है। इस दिन आप माता लक्ष्मी की पूजा कर उन्हें प्रसन्न कर सकते हैं।
गुजराती नववर्ष शनिवर, 2 नवंबर 2024
प्रतिपदा तिथि प्रारम्भ 1 नवंबर 2024 को शाम 6:16 बजे
प्रतिपदा तिथि समाप्त 2 नवंबर 2024 को रात्रि 8:21 बजे
गुजराती नववर्ष महत्व
गुजराती समाज के लिए नववर्ष बड़ा महत्व रखता है। इस दिन नया खाता खोलना और पुराना खाता बंद करना चोपड़ा कहलाता है। चोपड़ा पूजा में देवी लक्ष्मी की पूजा की जाती है ताकि आने वाला साल अधिक सकारात्मक, समृद्ध और उत्पादक बने। इसके अलावा चोपड़ा पूजन में देवी सरस्वती की भी पूजा की जाती है।
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इस दिन लोग अपने खातों में शुभ और लाभ अंकित करते हैं, जिससे उनका हर कार्य सफल हो और उन्हें हर कार्य से लाभ मिले। इसी तरह खाता बही पर भी स्वस्तिक का निशान भी बनाया जाता है।
यह दिन व्यापारियों के लिए विशेष महत्व रखता है क्योंकि इस दिन को वित्तीय वर्ष की शुरुआत के रूप में जाना जाता है, और इसलिए वे इस शुभ दिन पर नए खाते खोलते हैं।
जानिए कैसे मनाया जाता है गुजराती नववर्ष
गुजराती नववर्ष गुजरातियों के लिए सबसे बड़े त्योहारों में से एक होता है। इस दिन यहां के लोग समारोहों का भी आयोजन करते हैं। नए कपड़े पहनकर, मंदर में पूजा पाठ करते हैं। इसके बाद अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ मिलकर खुशियां बाटते हैं। अपनी खुशियों का इजहार करने के लिए गुजराती नव वर्ष पर शानदार आतिशबाजी की जाती है, घरों को सजाया जाता है।
इस दिन महिलाएं घरों में स्वादिष्ट मिठाइयां तैयार करती है और सभी का मुंह मीठा कराया जाता है। साथ ही नए साल की बधाइयां प्रेषित करते हैं। वहीं आधुनिकता के चलते हर कोई मैसेज या किसी और माध्यम से अपने दूर बैठे रिश्तेदार या दोस्त को भी बधाइयां भेजते हैं।
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