शनि देव (सौ.AI)
Shani Dosh Se Bachne Ke Upay: हिन्दू धर्म में शनिवार का दिन शनि देव की पूजा के लिए विशेष रूप से समर्पित है। मान्यता है कि इस दिन विधिपूर्वक शनि देव की पूजा करने से अशुभ प्रभाव कम होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
लेकिन, अक्सर लोग शनि की साढ़ेसाती, ढैय्या या महादशा का नाम सुनते ही डर जाते हैं। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि शनि देव की दृष्टि सभी के लिए हानिकारक नहीं होती। शनि देव ‘दंडनायक’ होने के साथ-साथ ‘कर्मफलदाता’ भी कहलाते हैं, जिसका अर्थ है कि वह व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल प्रदान करते हैं।
हिन्दू शास्त्रों में बताया गया है कि, जो व्यक्ति ईमानदारी और सेवा की भावना रखता है और कभी किसी दूसरे व्यक्ति का हक नहीं मारता, शनि देव उनकी रक्षा करते हैं। इसके साथ ही जो व्यक्ति बुजुर्गों का सम्मान करता है और अपने माता-पिता की सेवा करता है, उसे भी शनिदेव कभी कष्ट नहीं देते।
इसके अलावा, जो भी भक्त सच्चे मन से हनुमान जी की भक्ति करता है, उसे शनि दोष का डर नहीं सताता। इसके साथ ही आप शनिवार के दिन सुंदरकांड का पाठ या हनुमान चालीसा का जप करके भी शनि दोष से राहत पा सकते हैं।
जो व्यक्ति सात्विक जीवन जीता हैं और मांस-मदिरा से दूर रहता हैं, उन्हें भी उनके लिए भी शनि की ‘वक्र दृष्टि’ का प्रभाव कम होता है।
इसके साथ ही आप शनिवार की शाम को पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक भी जला सकते हैं, जो शनिदेव की कृपा प्राप्ति का एक उत्तम तरीका है। पीपल के पेड़ में त्रिदेवों (ब्रह्मा, विष्णु, महेश) का वास माना जाता है, इसलिए इसकी पूजा करने से शनि की पीड़ा कम होती है।
यह भी पढ़ें-वैशाख मास में कर लें ये अचूक उपाय, श्री विष्णु कृपा से बदल जाएगी किस्मत