रक्षाबंधन के लिए चुनें ऐसी राखी, जो दिलाएगा भाई के साथ बहन को भी अखंड सौभाग्य

Raksha Bandhan Raksha Sutra:यदि राखी का चयन शुद्ध, शुभ और ग्रह-दोष शांति को ध्यान में रखकर किया जाए, तो यह न केवल भाई की रक्षा करती है बल्कि बहन को भी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद भी प्रदान करती है।
रक्षाबंधन के लिए चुनें ऐसी राखी, जो दिलाएगा भाई के साथ बहन को भी अखंड सौभाग्य
भाइयों के लिए कौन-सा रक्षासूत्र सबसे शुभ रहेगा (सौ.सोशल मीडिया)
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Raksha Bandhan 2025: रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और सुरक्षा के वचन का पावन पर्व है, जिसे हर साल सावन महीने की पूर्णिमा के दिन पूरे श्रद्धा एवं प्रेम भाव से मनाया जाता है। इस दिन बहनें अपने भाई की कलाई पर राखी बांधती हैं और भाई उन्हें जीवनभर रक्षा का वचन देते हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रक्षाबंधन पर राखी बांधने की परंपरा केवल एक सामाजिक परंपरा नहीं, बल्कि इसका गहरा धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व भी हैं।

हिन्दू शास्त्रों के अनुसार, यदि राखी का चयन शुद्ध, शुभ और ग्रह-दोष शांति को ध्यान में रखकर किया जाए, तो यह न केवल भाई की रक्षा करती है बल्कि बहन को भी अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद भी प्रदान करती है। ऐसे में आइए जानते है इस रक्षाबंधन पर कौन-सा रक्षासूत्र सबसे शुभ रहेगा-

भाइयों के लिए कौन-सा रक्षासूत्र सबसे शुभ रहेगा

  • रुद्राक्ष से बनी राखी शुभ

ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रुद्राक्ष का हिंदू धर्म में बहुत महत्व है। यह भगवान शिव से जुड़ा हुआ है और इसे पवित्र माना जाता है। यदि आप अपने भाई के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति, मानसिक शांति और निर्णय क्षमता को बढ़ाना चाहती हैं, तो रुद्राक्ष से बनी राखी सबसे शुभ हो सकता है।यह रक्षासूत्र विशेष रूप से उन भाइयों के लिए शुभ है जिनकी कुंडली में शनि, राहु या केतु दोष है।

  • चंदन या तुलसी से बनी राखी बड़ा शुभ

धार्मिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से तुलसी और चंदन बहुत ही शुभ एवं अत्यंत पवित्र माने गए है। कहा जाता है कि, तुलसी से बनी राखी को विष्णु और लक्ष्मी की कृपा का प्रतीक माना जाता है। यह भाई को स्वास्थ्य लाभ, दीर्घायु और मानसिक संतुलन प्रदान करती है।

  • स्वास्तिक या ओम चिह्न वाली राखी

बहनें अपने भाइयों के लिए स्वास्तिक या ओम चिह्न वाली राखी भी खरीद सकती है। ऐसी राखी जिन पर ओम, स्वास्तिक या त्रिशूल का चिन्ह अंकित हो, उन्हें सर्वग्रह दोष नाशक और शक्तिप्रद माना गया है। बता दें, ये चिन्ह न केवल भाई की रक्षा करते हैं, बल्कि बहन को भी अखंड सौभाग्य का वरदान भी देता है।

  • मोली से बनी पारंपरिक राखी

शास्त्रों के अनुसार, लाल और पीले रंग की मोली से बनी राखी को सबसे शुद्ध माना गया है। इसे भगवान विष्णु और गणेश को अर्पित कर, मंत्रोच्चारण के साथ भाई की कलाई पर बांधने से नजर दोष, रोग और दुर्घटनाओं से रक्षा होती है।

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