रुद्राक्ष पहनने से पहले सतर्क हो जाएं, फ़ायदे अनेक, लेकिन इन नियमों का पालन ज़रूरी

सनातन धर्म में रुद्राक्ष का बड़ा महत्व है। रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर चौदह मुखी तक होते हैं। हर रुद्राक्ष का अपना अलग महत्‍व होता है। व्‍यक्ति को अपनी मनोकामना या जरूरत के लिहाज से रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।
रुद्राक्ष पहनने से पहले सतर्क हो जाएं, फ़ायदे अनेक, लेकिन इन नियमों का पालन ज़रूरी
रुद्राक्ष धारण के फायदे, (सौ.सोशल मीडिया)
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Benefits Of Rudraksha: हिंदू धर्म में रुद्राक्ष को बहुत ही शुभ एवं पवित्र माना जाता है। रुद्राक्ष को भगवान शिव का अंश माना जाता है और ऐसा कहा जाता है यह भगवान शिव के आंसुओं से बना है। इसका धार्मिक महत्‍व के साथ ही ज्‍योतिष में भी बहुत खास महत्‍व माना गया है। शास्त्रों में कहा गया है कि रुद्राक्ष धारण करने वाले व्यक्ति के साथ कभी कोई अनहोनी नहीं घटती है। भाग्य सदैव उस पर कृपालु रहता है। आइए जानते है रुद्राक्ष धारण करने के फायदों के बारे में-

रुद्राक्ष धारण करने से होते हैं ये फायदे

दूर होती है नेगेटिविटी

ज्योतिषयों के अनुसार, रुद्राक्ष धारण करने से नेगेटिविटी खत्म होती है। साथ ही भूत, प्रेत, पिशाच आदि नकारात्मक शक्तियां भी रुद्राक्ष से दूर भागती हैं।

अच्छी रहती है हेल्थ

रुद्राक्ष पहनने वाले व्यक्ति का स्वास्थ्य अच्छा रहता है। ऐसे लोगों की इम्यूनिटी मजबूत होती है और बीमारियों का खतरा भी कम होता है।

रोगों से मिलती है मुक्ति

मान्यता है कि रुद्राक्ष धारण करना दिल के रोगियों के लिए बहुत ही फायदेमंद होता है। रुद्राक्ष सामान्य बीमारियों में भी लाभ देता है। रुद्राक्ष की माला हमेशा गले में धारण करने से कैंसर जैसे जानलेवा रोग से भी बचा जा सकता है।

शिवपुराण में रुद्राक्ष धारण करने के लिए कुछ नियम बताए गए हैं। ये निम्न इस प्रकार हैं-

खान-पान में सात्विकता का ध्यान रखें। कभी भी अंडा, मांस, मछली, शराब, नशीली वस्तुओं का प्रयोग न करें।

अपनी रुद्राक्ष की माला अथवा रुद्राक्ष हर किसी को स्पर्श करने की अनुमति न दें। ऐसा करने से उनकी ऊर्जा घटती है।

अंतिम संस्कार या शौच आदि जाते समय रुद्राक्ष को उतार कर किसी पवित्र स्थान पर रख देना चाहिए।

एकमुखी रुद्राक्ष की माला तब तक धारण न करें जब तक कि आप पूरी तरह से साधु समान जीवन न जीने लगें, अन्यथा नुकसान हो सकता है।

जानिए क्या है रुद्राक्ष का महत्व

सनातन धर्म में रुद्राक्ष का बड़ा महत्व है। रुद्राक्ष एक मुखी से लेकर चौदह मुखी तक होते हैं। हर रुद्राक्ष का अपना अलग महत्‍व होता है। व्‍यक्ति को अपनी मनोकामना या जरूरत के लिहाज से रुद्राक्ष धारण करना चाहिए।

उदाहरण के लिए धन प्राप्ति के लिए बारह मुखी रुद्राक्ष, सुख-मोक्ष और उन्‍नति पाने के लिए एकमुखी रुद्राक्ष, ऐश्‍वर्य पाने के लिए त्रिमुखी रुद्राक्ष आदि। रुद्राक्ष से मिलने वाला पूरा लाभ पाने के लिए उसे विधि-विधान से धारण करना भी जरूरी है। साथ ही, कुछ बेहद जरूरी नियमों का पालन करना चाहिए।

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