इस स्थान पर बैठकर बिल्कुल न खाएं खाना, वरना क्या होगा, परिणाम पढ़ लीजिए
Vastu Tips:वास्तु शास्त्र में रहने से लेकर भोजन करने तक के बारे में बताया गया है। आइए जानते हैं वह कौन सी जगह है जहां बैठकर भोजन नहीं करना चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी
किस जगह पर बैठकर खाना नहीं खाना चाहिए(सौ.सोशल मीडिया)
Vastu Tips For Eating Food: हिन्दू धर्म में ज्योतिष एवं वास्तु शास्त्र का विशेष महत्व है। ऐसा माना जाता है कि वास्तु के नियम का पालन न करने से व्यक्ति को जीवन में कई कठिनाइयां का सामना करना पड़ सकता है और अशुभ परिणाम मिलते हैं। ऐसे में वास्तु शास्त्र में सुखी जीवन के कई नियम बताए गए हैं।
भोजन से जुड़े नियम भी वास्तु शास्त्र में बताए गए हैं। वास्तु शास्त्र में बताया गया है कि भोजन करने के लिए कौन दिशा शुभ होती है? वास्तु शास्त्र में ये भी बताया गया है कि किस जगह पर बैठकर खाना नहीं खाना चाहिए? मान्यता है कि जो व्यक्ति वास्तु के नियमों का पालन नहीं करता उसको जीवन में कई परेशानियां आती हैं।
किस जगह पर बैठकर खाना नहीं खाना चाहिए?
घर की चौखट पर
वास्तुविशेषज्ञों के अनुसार, घर की चौखट पर बैठकर पर भोजन भूलकर भी नहीं करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस गलती को करने से घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है।
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लोक मान्यता के अनुसार, घर की चौखट पर देवी-देवताओं का वास होता है। इसलिए इस जगह पर बैठकर भोजन करने से बचना चाहिए।
भोजन करने की शुभ दिशा
भोजन करते समय दिशा का भी विशेष ध्यान रखना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, खाना खाते समय उत्तर या फिर पूर्व दिशा की तरफ मुंह होना चाहिए, क्योंकि इस दिशा में भोजन करने से सकारात्मक ऊर्जा आती है।
भोजन बनाते समय इन बातों का रखें ध्यान
वास्तु शास्त्र की मानें तो भोजन बनाते समय दिशा का ध्यान रखना चाहिए। भोजन बनाने के लिए मुंह पूर्व दिशा की ओर होना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इस नियम का पालन करने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, लेकिन दक्षिण या पश्चिम दिशा की तरफ मुंह भूलकर भी नहीं रखना चाहिए। इससे जीवन पर नकारत्मक प्रभाव पड़ता है।
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इसके अलावा रसोई की साफ-सफाई का भी खास ध्यान रखना चाहिए क्योंकि रसोई में मां अन्नपूर्णा का वास होता है। रसोई में गंदगी होने से मां अन्नपूर्णा की कृपा प्राप्त नहीं होती है।
भोजन बनाने से पहले स्नान करें और साफ कपड़े पहनकर ही भोजन बनाएं। साथ ही मन ही मन में किसी भी देवी-देवता के नाम का ध्यान करें।
