कुंवारी कन्याएं और सुहागिन महिलाएं रखें मासिक शिवरात्रि व्रत! देवाधिदेव कृपा से बनेंगे बिगड़े काम

Shivratri Puja Muhurat: कल 18 नवंबर को अगहन महीने की मासिक शिवरात्रि व्रत है। शास्त्रों के अनुसार, इस शुभ अवसर पर देवों के देव महादेव और मां पार्वती की पूजा-अर्चना करने का विधान है।
कुंवारी कन्याएं और सुहागिन महिलाएं रखें मासिक शिवरात्रि व्रत! देवाधिदेव कृपा से बनेंगे बिगड़े काम
ये है मार्गशीर्ष शिवरात्रि का शुभ-मुहूर्त (सौ.सोशल मीडिया)
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Masik Shivratri November 2025: मासिक शिवरात्रि व्रत हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को रखा जाता है। इस वर्ष मार्गशीर्ष यानी अगहन महीने की मासिक शिवरात्रि व्रत कल 18 नवंबर को रखा जा रहा हैं। इस बार मासिक शिवरात्रि के साथ शुभ योग भी बन रहा है। इस दिन जातक भोलेनाथ की अराधना करते हैं और कुछ लोग व्रत भी रखते हैं।

यह दिन भोलेनाथ की कृपा पाने का उत्तम अवसर माना गया है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक शिवरात्रि व्रत करने से सुख-शांति, आरोग्य और मनोकामना पूर्ति का आशीर्वाद मिलता है। आइए जान लेते हैं मार्गशीर्ष शिवरात्रि पूजा का टाइम और विधि-

ये है मार्गशीर्ष शिवरात्रि का शुभ- मुहूर्त

आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, मंगलवार को सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा तुला राशि में रहेंगे। अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 45 मिनट से शुरू होकर दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 2 बजकर 46 मिनट से शुरू होकर शाम 4 बजकर 6 मिनट तक रहेगा।

अगहन शिवरात्रि पर बन रहे हैं कई शुभ योग

ज्योतिषियों की मानें तो अगहन शिवरात्रि पर आयुष्मान और सौभाग्य योग का संयोग बन रहा है। इसके साथ ही अभिजीत मुहूर्त और स्वाति नक्षत्र का योग बनेगा। इस दौरान भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा करने से साधक को अक्ष फल मिलेगा।

पंचांग

सूर्योदय – सुबह 06 बजकर 49 मिनट पर सूर्यास्त – शाम 06 बजकर 28 मिनट पर ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 02 मिनट से 05 बजकर 56 मिनट तक विजय मुहूर्त – दोपहर 01 बजकर 55 मिनट से 02 बजकर 38 मिनट तक गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 28 मिनट से 05 बजकर 55 मिनट तक निशिता मुहूर्त – रात्रि 11 बजकर 42 मिनट से 12 बजकर 36 मिनट तक

ऐसे करें मासिक शिवरात्रि पर पूजा

मासिक शिवरात्रि के दिन भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें, फिर मंदिर या पूजा स्थल को साफ करें और गंगाजल छिड़ककर शुद्ध करें। एक चौकी पर सफेद कपड़ा बिछाकर भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा को स्थापित करें, गंगाजल से अभिषेक करें और बिल्वपत्र, चंदन, अक्षत, फल और फूल चढ़ाएं। भगवान शिव के पंचाक्षर मंत्र के जाप से भी लाभ मिलता है। 11 बार रुद्राक्ष की माला से मंत्र जाप करें। शिवलिंग के सम्मुख बैठकर राम-राम जपने से भी भोलेनाथ की कृपा बरसती है।

ये है मासिक शिवरात्रि का धार्मिक महत्व

मनोकामना पूर्ति

मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

वैवाहिक सुख

अविवाहितों को मनचाहा वर मिलता है और विवाहित महिलाओं का वैवाहिक जीवन सुखी रहता है।

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आध्यात्मिक लाभ

यह इंद्रियों पर नियंत्रण रखने और जीवन से मोह-माया के बंधन से मुक्त होने में मदद करता है।

सकारात्मक ऊर्जा

इस दिन की पूजा से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

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