भगवान श्रीकृष्ण,(सौ.सोशल मीडिया)
Masik Krishna Janmashtami 2024:आज मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व मनाया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित मासिक जन्माष्टमी का व्रत हर महीने की कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को रखा जाता है। आपको बता दें, इस साल 2024 की आखिरी मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत आज रविवार 22 दिसंबर को रखा जाएगा।
श्रीकृष्ण भक्तों के लिए यह दिन बहुत ही शुभ होता है। मान्यता है कि मासिक जन्माष्टमी के दिन व्रत और विधि-विधान से पूजा करने वालों की सभी इच्छाएं पूरी होती हैं। साथ ही साधक पर भगवान श्रीकृष्ण की कृपा बरसती है। आइए जानते हैं दिसंबर में कब रखा जाएगा मासिक जन्माष्टमी का व्रत और पूजा-विधि के बारे में।
कब है 2024 की अंतिम मासिक कृष्ण जन्माष्टमी व्रत
साल की आखिरी मासिक कृष्ण जन्माष्टमी यानी पौष माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि की शुरुआत 22 दिसंबर को दोपहर 2 बजकर 31 मिनट पर होगा। वहीं तिथि का समापन 23 दिसंबर की शाम 5 बजकर 7 मिनट पर होगा। जिसके अनुसार, मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत रविवार 22 दिसंबर को रखा जाएगा।
ऐसे करें मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पूजा
मासिक श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के दिन पूजा करने के लिए प्रात: स्नान कर साफ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल की साफ-सफाई कर सजावट करें। लड्डू गोपाल को माखन, मिश्री, लड्डू, और फल चढ़ाएं।
ये भगवान कृष्ण को प्रिय हैं। ओम नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। इस दिन भगवान कृष्ण की लीलाओं की कथा सुनें या पढ़ें। जन्माष्टमी की रात में भजन-कीर्तन का आयोजन करें और जागरण करें। मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का दिन व्रत रखने के लिए भी बहुत शुभ माना जाता है। इस दिन गरीबों को भोजन और गो सेवा करने से विशेष फल मिलता है।
धर्म की खबरें जानने के लिए क्लिक करें-
श्रीकृष्ण पूजा मंत्र
ॐ कृष्णाय नमः
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे । हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे ।।
ॐ श्री कृष्णः शरणं ममः
ॐ देव्किनन्दनाय विधमहे वासुदेवाय धीमहि तन्नो कृष्ण:प्रचोदयात
ॐ नमो भगवते तस्मै कृष्णाया कुण्ठमेधसे। सर्वव्याधि विनाशाय प्रभो माममृतं कृधि।।
ॐ नमो भगवते श्री गोविन्दाय
जानिए क्या है मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व
मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत करने से साधक की मनचाही मनोकामना पूर्ण होती है। शास्त्रों में बताया गया है कि जो व्यक्ति मासिक कृष्ण जन्माष्टमी का व्रत विधिपूर्वक लगातार 1 वर्ष तक करता है, वह सभी कष्टों से मुक्त हो जाता है और धन का लाभ मिलता है। इस दिन व्रत के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की जन्म कथा पढ़ने या सुनने से साधक को सुख-शांति मिलती है।