सावन में इस दिन पड़ रहा है ‘वरलक्ष्मी व्रत’,जानिए सही डेट, पूजा विधि और महत्व
सावन महीने में मनाया जाने वाला वरलक्ष्मी व्रत स्त्रियों के लिए खास महत्व रखता हैं। इस बार वरलक्ष्मी व्रत 8 अगस्त, शुक्रवार को रखा जाएगा। इस दिन महिलाएं मां लक्ष्मी की पूजा करती और व्रत रखती हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
कब है वरलक्ष्मी व्रत (सौ.सोशल मीडिया)
Varalaxmi vrat 2025 : भगवान शिव को समर्पित सावन का पावन महीना अभी चल रहा है। इस महीने में कई व्रत त्योहार आते है जिसका अलग ही महत्व हैं। उन्हीं में से एक वरलक्ष्मी व्रत। आपको बता दें, सावन महीने में मनाया जाने वाला वरलक्ष्मी व्रत स्त्रियों के लिए खास महत्व रखता हैं। इस बार वरलक्ष्मी व्रत 8 अगस्त, शुक्रवार को रखा जाएगा।
हिंदू मतों के अनुसार, वरलक्ष्मी व्रत मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए रखा जाता हैं। खासकर दक्षिण भारत में इसकी अलग ही धूम होती है, लेकिन अब उत्तर भारत में भी यह व्रत श्रद्धा से मनाया जाने लगा है। इस दिन महिलाएं सौभाग्य, वैवाहिक सुख और परिवार की उन्नति के लिए व्रत रखती हैं।
कब है वरलक्ष्मी व्रत
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार साल 2025 में वरलक्ष्मी व्रत 8 अगस्त, शुक्रवार को रखा जाएगा। यह दिन श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि को पड़ता है। शुक्रवार और लक्ष्मी का गहरा संबंध माना जाता है, और इस दिन इन्द्र योग और सुकर्मा योग जैसे शुभ संयोग भी बन रहे हैं, जो पूजा के फल को और भी प्रभावशाली बनाते हैं।
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ऐसे करें वरलक्ष्मी व्रत पूजा
- सुबह जल्दी उठें और पूजा शुरू करने से पहले पवित्र स्नान करें।
- घर की सफाई करें और पूजा कक्ष में गंगाजल छिड़ककर उसकी शुद्धि करें।
- एक वेदी स्थापित करें और उसमें मां लक्ष्मी की प्रतिमा स्थापित करें।
- मां लक्ष्मी का विधिवत अभिषेक करें और उनका सोलह शृंगार करें।
- कुमकुम या सिंदूर अर्पित करें और लाल रंग के फूलों की माला चढ़ाएं।
- अखंडित चावल से भरे कलश की स्थापना करें।
- फल, घर में बनी मिठाइयां, खीर का भोग लगाएं।
- देसी गाय के घी का दीपक जलाएं। मां लक्ष्मी के विभिन्न वैदिक मंत्रों का जाप करें।
- लक्ष्मी स्तोत्र का पाठ और आरती से पूजा का समापन करें।
- इस दिन कुछ भी तामसिक खाने से बचें।
- व्रती सात्विक भोजन व फल खा सकते हैं।
वरलक्ष्मी का व्रत का क्या है महत्व
सनातन धर्म में वरलक्ष्मी का बड़ा व्रत हैं। मान्यता है कि वरलक्ष्मी का व्रत रखकर माता लक्ष्मी की पूजा अर्चना करने से संतान और धन संपति की मनोकामना पूर्ण होती हैं। वरलक्ष्मी व्रत रखने के लिए सुबह घर में शुभ मुहूर्त में श्रीयंत्र की स्थापना करें।
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शाम को घी का दीपक जलाकर महालक्ष्मी मंत्र ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं नम: मंत्र जाप करें। इस व्रत के दिन महिलाएं रंगोली बनाती हैं और हल्दी कुमकुम स्वास्तिक का निशान बनाती हैं। इसके साथ ही वरलक्ष्मी व्रत के दिन सात कन्याओं को घर बुलाकर चावल से बनी खीर खिलाने की भी परंपरा है। इससे लोगों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है।
