‘पौष शिवरात्रि’ की पूजा का शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और जानिए इसकी महिमा
मासिक शिवरात्रि का पावन पर्व हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। साल 2024 की आखिरी मासिक शिवरात्रि का व्रत 29 दिसंबर, रविवार को रखा जाएगा।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान शिव,(सौ.सोशल मीडिया)
Masik Shivratri: मासिक शिवरात्रि का पावन पर्व हर महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। साल 2024 की आखिरी मासिक शिवरात्रि का व्रत 29 दिसंबर, रविवार को रखा जाएगा। यह भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना के लिए महत्वपूर्ण तिथि होती है।
मान्यता है कि मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने और विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा से प्रभु की असीम कृपा प्राप्त होती है और इस व्रत से विवाह में आ रही बाधाएं समाप्त होती हैं। इसके साथ ही इस व्रत से भक्तों को आध्यात्मिक शांति और मोक्ष की प्राप्ति होती है। शिव भक्तों के लिए मासिक शिवरात्रि का व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। आइए जानते है साल की आखिरी मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहर्त, पूजा विधि और महत्व-
दिसंबर मासिक शिवरात्रि तिथि
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मासिक शिवरात्रि का व्रत हर माह कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को रखा जाता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 29 दिसंबर सुबह 3 बजकर 3 मिनट पर होगी। वहीं तिथि का समापन 30 दिसंबर 2024 को सुबह 4 बजकर 1 मिनट पर होगा। ऐसे में मासिक शिवरात्रि का व्रत 29 दिसंबर को रखा जाएगा।
मासिक शिवरात्रि शुभ मुहूर्त
मासिक शिवरात्रि का व्रत जहां 29 दिसंबर को रखा जाएगा। वहीं इस दिन भोलेनाथ की पूजा करने के लिए शुभ मुहूर्त की शुरुआत 29 दिसंबर की रात 09 बजकर 41 मिनट से लेकर रात 11 बजकर 22 मिनट तक है। इस दौरान भगवान शिव की पूजा करना बहुत ही शुभ होगा।
मासिक शिवरात्रि पूजा विधि
मासिक शिवरात्रि का व्रत रखने वाले शिव भक्तों को इस दिन प्रातः काल जल्दी उठकर स्नान आदि करने के बाद भगवान शिव का ध्यान करते हुए व्रत का संकल्प करना चाहिए। सूर्यदेव को अर्घ्य देने के बाद पूजा वाली जगह पर भगवान शिव और माता पार्वती के चित्र की स्थापना करनें और शिवलिंग का कच्चे दूध और गंगाजल से अभिषेक करें।
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भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा और भांग अर्पित करें और माता पार्वती को सुहाग सामग्री अर्पित करें। दीया जलाकर भगवान शिव की आरती करें और शिव चालीसा का पाठ करें। भगवान शिव और माता पार्वती को उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाकर सभी में प्रसाद बांटा जाता है।
मासिक शिवरात्रि महत्व
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मासिक शिवरात्रि का व्रत करन से भगवान शिव उनसे प्रसन्न होकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देते हैं। इसके अलावा मासिक शिवरात्रि का व्रत करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं। मनचाहा जीवनसाथी मिलता है। साथ ही वैवाहिक जीवन में खुशियां आती हैं और आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिलता है।
