साल 2025 की पहली विनायक चतुर्थी, जानिए निर्विघ्न और सफल वर्ष के लिए पूजा की सही तिथि और शुभ मुहूर्त
विनायक चतुर्थी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जिसे गणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। इस बार साल 2025 में पहली विनायक चतुर्थी का व्रत आज 03 जनवरी को रखा जाएगा।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान गणेश, (सौ.सोशल मीडिया)
Vinayak Chaturthi 2025:विनायक चतुर्थी हिंदू धर्म का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जिसे गणेश चतुर्थी और संकष्टी चतुर्थी के नाम से भी जाना जाता है। विनायक चतुर्थी हर माह शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को मनाई जाती है। इस बार साल 2025 में पहली विनायक चतुर्थी का व्रत आज 03 जनवरी को रखा जाएगा।
मान्यताएं हैं कि विनायक चतुर्थी के दिन भगवान श्रीगणेश की पूजा विधिवत रूप से करने से व्यक्ति के जीवन में आ रही सभी परेशानियां दूर हो जाती है और सुख-समृद्धि की भी प्राप्ति होती है।
ऐसे में साल 2025 में पहली विनायक चतुर्थी का व्रत कब रखा जाएगा, पूजा का शुभ मुहूर्त कब है और भगवान गणेश की पूजा का महत्व क्या है, आइए जानते हैं इसके बारे में-
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कब है साल 2025 में पहली विनायक चतुर्थी का व्रत
पंचांग के अनुसार, पौष माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि का आरंभ 03 जनवरी को रात 01 बजकर 08 मिनट पर होगा और इसका समापन 03 जनवरी को रात 11 बजकर 39 मिनट पर होगा। ऐसे में उदया तिथि के हिसाब से विनायक चतुर्थी का व्रत 03 जनवरी को रखा जाएगा। इस दिन आप व्रत रखकर भगवान गणेश की पूजा विधिवत रूप से कर सकते हैं।
विनायक चतुर्थी का शुभ मुहूर्त
विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए शुभ मुहूर्त के बारे में विस्तार से जान लें। आपको बता दें, भगवान गणेश की पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त, विजय मुहूर्त, गोधूलि मुहूर्त और निशिता मुहूर्त है। इस दौरान आप विधिवत रूप से पूजा-अर्चना कर सकते हैं।
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पंचांग
ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 05 बजकर 25 मिनट से 06 बजकर 20 मिनट तक है।
विजय मुहूर्त – दोपहर 02 बजकर 10 मिनट से 02 बजकर 51 मिनट तक है।
गोधूलि मुहूर्त – शाम 05 बजकर 34 मिनट से 06 बजकर 02 मिनट तक है।
निशिता मुहूर्त – रात्रि 11 बजकर 59 मिनट से 12 बजकर 53 मिनट तक है।
विनायक चतुर्थी का महत्व
हिन्दू धर्म में विनायक चतुर्थी का बड़ा महत्व है। धार्मिक मान्यता के अनुसार,विनायक चतुर्थी के दिन गणपति बप्पा की अराधाना करने से व्यक्ति के जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं। साथ ही, घर में सुख-समृद्धि, आर्थिक संपन्नता के साथ ज्ञान एवं बुद्धि की प्राप्ति भी होती है।
