महावीर जयंती कब मनाई जाएगी? जानें वो वचन जो बदल देंगे आपकी जिंदगी
Mahavir Jayanti Significance In Hindi:भारत विविधता से भरा हुआ देश है जहां हर धर्म के पर्व और त्योहारों को पूरे श्रद्धा-भाव के साथ मनाया जाता है। इन्हीं महत्वपूर्ण पर्वों में एक है महावीर जयंती।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान महावीर(सौ.AI)
Mahavir Jayanti Kab Hai: मंगलवार, 31 मार्च को पूरे देश में महावीर जयंती का पर्व श्रद्धा-भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। जैन धर्म को मानने वाले लोगों के लिए महावीर जयंती पर्व बहुत महत्व रखता है। यह पर्व हर साल चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को भगवान महावीर के जन्मदिन के उपलक्ष्य में मनाया जाता है।
भारत विविधता से भरा हुआ देश है जहां हर धर्म के पर्व और त्योहारों को पूरे श्रद्धा-भाव के साथ मनाया जाता है। इन्हीं महत्वपूर्ण पर्वों में एक है महावीर जयंती, जो विशेष रूप से जैन धर्म के अनुयायियों द्वारा मनाया जाता है।
भगवान महावीर जैन धर्म के चौबीसवें तीर्थंकर थे, इन्होंने ही दुनिया को जीओ और जीने दो का संदेश दिया। उनकी बताई हुई शिक्षा आज के समय में भी हमें सच्चाई का रास्ता बताती हैं।
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महावीर जयंती का आध्यात्मिक महत्व
जैन समुदाय में महावीर जयंती का बड़ा महत्व हैं। धार्मिक मान्यता है कि महावीर देवता जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर थे। उन्होंने हमेशा समाज को सत्य और अहिंसा का मार्ग दिखाया। जैन धर्म के लोग महावीर जयंती का त्योहार बहुत धूमधाम से मनाते हैं।
इस दिन विशेष रूप से प्रभात फेरी, शोभ यात्रा और अनुष्ठान का आयोजन किया जाता है। ऐसे में आइए जानते हैं की महावीर जयंती कब मनाई जाएगी और महावीर स्वामी के कुछ अनमोल वचन।
कब है? महावीर जयंती 2026
भगवान महावीर का जन्म चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि पर हुआ था, जिसकी शुरुआत इस बार 30 मार्च, सोमवार को सुबह 7 बजकर 10 मिनट पर होगी। वहीं, अगले दिन यानी 31 मार्च, मंगलवार को सुबह 6 बजकर 57 मिनट पर त्रयोदशी तिथि समाप्त होगी। ऐसे में उदया तिथि के अनुसार, 31 मार्च को महावीर जयंती का त्योहार मनाया जाएगा।
महावीर जयंती कैसे मनाई जाती है?
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रथ यात्रा और शोभायात्रा
इस दिन जैन मंदिरों में भव्य रथ यात्रा निकाली जाती है, जिसमें भगवान महावीर की प्रतिमा को सजाया जाता है।
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मंदिरों में पूजा-अर्चना
भक्त मंदिर जाकर भगवान महावीर की पूजा करते हैं और उनके उपदेशों को याद करते हैं।
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दान और सेवा
गरीबों को भोजन, कपड़े और जरूरत की चीजें दान की जाती हैं।
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धार्मिक प्रवचन
जैन संत और विद्वान उनके जीवन और शिक्षाओं पर प्रवचन देते हैं।
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महावीर स्वामी की प्रमुख शिक्षाएं
- महावीर स्वामी ने कहा था, मनुष्य के दुखी होने का कारण उसकी खुद की गलतियां हैं। जो मनुष्य अपनी गलतियों पर काबू पा लेता है, वही सच्चे सुख को प्राप्त कर सकता है।
- मनुष्य का सबसे बड़ा धर्म है अहिंसा। हमें हमेशा जियो और जीने दो संदेश को मानना चाहिए।
- हर जीवित प्राणी के प्रति अपने मन में दया भाव रखना ही अहिंसा होता है। घृणा की भावना से हम स्वयं का विनाश करते हैं और यह दूसरों के लिए भी कष्टकारी हो सकती है।
- असल में शत्रु हमारे अंदर ही रहते हैं। ये शत्रु- द्वेष, लालच, घमंड, क्रोध और नफरत है। खुद पर विजय प्राप्त करना लाखों शत्रुओं पर विजय पाने से उत्तम होता है।
- भगवान महावीर द्वारा बताए गए 5 प्रमुख सिद्धांत अहिंसा, ब्रह्मचर्य, सत्य, अपरिग्रह और अचौर्य के पांच व्रतों का पालन करना है।
