कार्तिक पूर्णिमा पूजा का सबसे सटीक मुहूर्त नोट करें, इस पूर्णिमा का महत्व और पूजा विधि भी जानिए
Kartik Purnima : इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर सुबह 4 बजकर 52 मिनट से लेकर सुबह 5:44 तक स्नान करने का शुभ मुहूर्त बताया गया है। इसके बाद सुबह 7 बजकर 58 मिनट से लेकर 9 बजकर 20 मिनट तक पूजा कर सकते है।
- Written By: सीमा कुमारी
कब है 2025 कार्तिक पूर्णिमा (सौ.सोशल मीडिया)
Kartik Purnima Ganga Snan 2025: पूरे देशभर में आज 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जा रही है। आपको बता दें, धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से जितना महत्व कार्तिक महीने का है, उससे कई गुना अधिक महत्व कार्तिक में पड़ने वाली पूर्णिमा तिथि का होता है।
यह शुभ एवं पावन तिथि जगत के पालनकर्ता भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी जी की कृपा पाने के लिए सबसे श्रेष्ठ होता है। ऐसे में आइए जान लेते हैं इस साल कार्तिक पूर्णिमा किस दिन मनाई जाएगी।
कब है 2025 कार्तिक पूर्णिमा
आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, 5 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा मनाई जा रही है। इसे त्रिपुरारी पूर्णिमा के नाम से भी जाना जाता है। मान्यता है इस दिन देवी-देवता पृथ्वीलोक पर दीपदान और गंगा स्नान करने आते हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Kamika Ekadashi 2026: कामिका एकादशी पर चुपचाप कर लें ये 5 महाउपाय, भगवान विष्णु की कृपा से बदल सकती है किस्मत
Sawan 2026: सावन में शिवलिंग पर जल चढ़ाने से पहले जान लें ये 4 नियम, एक छोटी भूल भी पड़ सकती है भारी
6 August 2026 Panchang: अष्टमी तिथि पर बन रहे हैं कई शुभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय
Bhagavad Gita: आसपास नकारात्मक लोग हों तब भी घर को ऐसे रखें खुशहाल और शांत, गीता से सीखें ये 5 आसान उपाय
यही कारण इस दिन को देव दीपावली के रूप में जाना जाता है। वहीं, आपको बता दें, इस दिन को सिख धर्म के लोग प्रकाश पर्व के रूप में मनाते हैं।
ये रहेगा कार्तिक पूर्णिमा 2025 स्नान-दान मुहूर्त
कार्तिक पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 04 नवंबर 2025 को रात 10:36 मिनट पर शुरू होगी और अगले दिन 05 नवंबर 2025 को शाम 6:48 मिनट पर समाप्त।
गंगा स्नान मुहूर्त – सुबह 04:52 से सुबह 5:44 तक
पूजा का मुहूर्त – सुबह 07:58 से सुबह 09:20 तक
प्रदोषकाल देव दीपावली मुहूर्त – शाम 05:15 से रात 07:5 मिनट तक है।
वहीं, चंद्रोदय शाम 5:11 मिनट पर होगा।
ऐसे करें कार्तिक पूर्णिमा पर पूजा
- सुबह जल्दी उठें और पवित्र स्नान करें।
- इस शुभ दिन पर भक्त स्नान के लिए गंगा घाटों पर भी जाते हैं।
- कहा जाता है इससे जीवन में खुशहाली आती है।
- इस दिन सत्यनारायण व्रत करना और भगवान विष्णु की पूजा करना शुभ माना जाता है।
- इस मौके पर कई लोग हवन/यज्ञ का भी आयोजन करते हैं और भगवान शिव की पूजा करते हैं।
- इस तिथि पर गंगा घाटों के पास दीपदान करने अवश्य जाना चाहिए और मिट्टी का दीपक जलाना चाहिए।
- इस शुभ अवसर पर भगवान विष्णु और भगवान शिव के मंत्रों का जाप करना बहुत ही फलदायी माना जाता है।
- कार्तिक पूर्णिमा पर धर्म ग्रंथ जैसे- भगवद गीता, रामायण और कार्तिक महात्म्य कथा अवश्य पढ़ना चाहिए।
- इस दिन शाम के समय चंद्रमा को अर्घ्य देने का भी विधान है।
ये भी पढ़ें-कार्तिक पूर्णिमा की पूजा में इस कथा का करें पाठ, श्रीहरि विष्णु और महादेव बरसाएंगे कृपा
जानिए क्या है कार्तिक पूर्णिमा स्नान का धार्मिक महत्व
कार्तिक पूर्णिमा के दिन लोग पवित्र नदियों में स्नान करते है। ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा पर किए स्नान से सौ अश्वमेध यज्ञ कराने जितना पुण्यफल प्राप्त होता है। कार्तिक पूर्णिमा पर किए गए स्नान से भगवान श्रीहरि (Lord Vishnu) की भी कृपा मिलती है। इसलिए इस दिन लोग गंगा (Ganga Snan), यमुना जैसी नदियों में स्नान करते हैं।
