‘गंगा दशहरा’ की सही तिथि नोट कर लें और तैयारी कर लें गंगास्नान की, मिलेगी पापों से मुक्ति, कष्टों से मिलेगा छुटकारा
"गंगा दशहरा" हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो गंगा नदी की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक मत कि गंगा स्नान करने से साधक को जाने-अनजाने में किए गए समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
गंगा दशहरा (सौ.सोशल मीडिया)
Ganga Dussehra 2025: “गंगा दशहरा” हिंदू धर्म में एक महत्वपूर्ण त्योहार है जो गंगा नदी की पूजा के लिए समर्पित है। यह त्योहार हर साल ज्येष्ठ महीने के शुक्ल पक्ष की दसमी तिथि को मनाया जाता है। इस साल 05 जून को गंगा दशहरा मनाया जाएगा।
धार्मिक मत कि गंगा स्नान करने से साधक को जाने-अनजाने में किए गए समस्त पाप नष्ट हो जाते हैं। साथ ही साधक पर देवी मां गंगा की असीम कृपा बरसती है। उनकी कृपा से घर में सुख, समृद्धि एवं खुशहाली आती है। लेकिन क्या आपको पता है कि गंगा दशहरा कब और क्यों मनाया जाता है। आइए, गंगा दशहरा के बारे में सबकुछ जानते हैं।
कब है गंगा दशहरा
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आपको बता दें, पंचांग के अनुसार, 04 जून को देर रात 11 बजकर 54 मिनट पर ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि शुरू होगी। वहीं, 06 जून को देर रात 02 बजकर 15 मिनट पर ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि समाप्त होगी। सनातन धर्म में उदया तिथि मान है। इसके लिए 05 जून को गंगा दशहरा मनाया जाएगा।
गंगा स्नान मुहूर्त
इस वर्ष गंगा दशहरा ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि गुरुवार, 05 जून 2025 को मनाया जाएगा। गंगा दशहरा का शुभ मुहूर्त 04 जून 2025 को प्रात: 11 बजकर 54 मिनट पर आरंभ होगी और अगले दिन, 06 जून 2025 को 02 बजकर 15 मिनट पर समाप्त होगी
जानिए क्या है गंगा दशहरा का महत्व
सनातन धर्म में गंगा दशहरा का विशेष महत्व हैं। धार्मिक मान्यतानुसार, राजा भगीरथ के कठोर तपस्या करने से गंगा नदी स्वर्ग से धरती पर अवतरित हुई हैं। शास्त्रों में वर्णन है कि गंगा स्नान करने से पाप, रोग, दोष और विपत्तियों से मुक्ति मिल जाती है।
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इस दिन पवित्र गंगा नदी में स्नान करने का महत्व और बढ़ जाता है। माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान से उन दस मुख्य पापों से मुक्ति मिल जाती है जो पुण्य प्राप्ति में बाधक होते हैं। इनमें दैहिक पाप, वाणी पाप और मानसिक पाप शामिल हैं।
