मई में इस दिन लग रहा है पंचक, 5 दिनों तक मांगलिक कार्यों से बचें, दक्षिण दिशा में यात्रा करने से पहले यह काम ज़रूर कर लें

धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, पंचक काल के दौरान पांच कार्य वर्जित बताए गए हैं। पंचक कुल पांच प्रकार के होते हैं और हर महीने का पंचक अलग बताया गया है।
मई में इस दिन लग रहा है पंचक, 5 दिनों तक मांगलिक कार्यों से बचें, दक्षिण दिशा में यात्रा करने से पहले यह काम ज़रूर कर लें
मई महीने में पंचक कब है? (सौ.सोशल मीडिया)
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धार्मिक एवं ज्योतिष दृष्टि से पंचक की अवधि को शुभ नहीं माना जाता है। इस बार मई महीने का पंचक 20 मई मंगलवार के दिन से शुरू हो रहा है। पंचक की अवधि के दौरान शादी-ब्याह, सगाई, मुंडन, गृह प्रवेश और नामकरण जैसे तमाम मांगलिक कार्यों को करने की मनाही होती है।

पंचक के दौरान कई तरह की सावधानियां भी बरती जाती हैं, जिससे पंचक का अशुभ प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर न पड़े। ऐसे में आइए जानते हैं कि मई में पंचक कब से शुरू हो रहे हैं और पंचक में कौन-कौन से काम नहीं करने चाहिए।

मई महीने में पंचक कब है?

आपको बता दें, मई 2025 में पंचक 20 मई को सुबह 7:35 बजे शुरू होंगे और 24 मई को पंचक का समापन हो जाएगा। 20 मई को मंगलवार का दिन पड़ रहा है और मंगलवार को शुरू होने वाला पंचक अग्नि पंचक कहलाता है। अग्नि पंचक दौरान आग से जुड़े काम करना अशुभ माना जाता है।

मई में पंचक कब तक रहेंगे?

मई में पंचक 24 मई को दोपहर 1 बजकर 53 मिनट पर समाप्त होंगे।ऐसे में इन पांच दिनों के दौरान आपको कुछ विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए।

पंचक में क्या कार्य नहीं करना चाहिए जानिए

  • पंचक के दौरान शादी, सगाई और गृह प्रवेश आदि नहीं करना चाहिए।
  • इस दौरान दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करनी चाहिए।
  • इस दौरान लकड़ी का सामान नहीं खरीदना चाहिए।
  • पंचक के दौरान नए घर का निर्माण शुरू नहीं करना चाहिए।
  • पंचक के दौरान नया वाहन या सोना-चांदी नहीं खरीदना चाहिए।
  • पंचक के दौरान पैसों से जुड़ा लेनदेन भी नहीं करना चाहिए।
  • पंचक के दौरान चारपाई बनाने या मकान की छत नहीं डलवानी चाहिए।

पंचक में यात्रा कैसे करें?

ज्योतिषयों के अनुसार, पंचक के दौरान आपको दक्षिण दिशा में कोई जरूरी यात्रा करनी है, तो इसके लिए आप कुछ उपाय कर सकते हैं। पंचक में दक्षिण की ओर यात्रा शुरू करने से पहले हनुमान जी के मंदिर जाकर उनकी पूजा-अर्चना करें। फिर बजरंगबली को पांच तरह के फल चढ़ाएं। इसके बाद आप दक्षिण दिशा में यात्रा शुरू कर सकते हैं।

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