दशहरा समाप्त होते ही लगा ‘पंचक’, इन 5 दिनों में बिलकुल न करें ये काम
हिन्दू धर्म में पंचक को अशुभ दिनों में गिना जाता है। पंचक में कोई भी शुभ कार्य करने की मनाही होती है। हर महीने में 5 दिन का पंचक होता है और इसे धार्मिक दृष्टि से अशुभ माना जाता है।
- Written By: सीमा कुमारी
अक्टूबर महीने में कब से शुरू है, पंचक (सो.सोशल मीडिया)
Panchak 2024:हिन्दू धर्म में किसी भी कार्य को शुरू करने से पहले शुभ मुहूर्त या शुभ तिथि देखी जाती है। इसलिए पंचक के दौरान 5 दिनों में शुभ कार्य नहीं किये जाते है। आपको बता दें, हर महीने पंचक लगते है। ऐसे में अक्टूबर में पंचक कब से हैं और इस दौरान क्या-क्या नहीं करना चाहिए। आइए जानें इस बारे में
इस दिन से आरंभ पंचक 2024
अक्टूबर के महीने में दशहरा के बाद से पंचक की शुरुआत हो गई है। ज्यातिष गणना के अनुसार, 13 अक्टूबर से दोपहर 3 बजकर 25 मिनट से पंचक की शुरुआत हो गई है। वहीं, इसका समापन 17 अक्टूबर को सुबह 6 बजकर 35 मिनट पर होगा। इस दौरान कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित है।
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पंचक के दौरान क्या नहीं करना चाहिए
ज्योतिष-शास्त्र के अनुसार, पंचक के दौरान घर की छत नहीं ढालना चाहिए। ऐसा करने से धन हानि और घर में कलेश बढ़ता है। पंचक के दिन में कोई भी मांगलिक कार्य या शुभ कार्य करने से बचना चाहिए।
कहते है, इस दौरान पलंग और चारपाई भूलकर भी नहीं बनवाने चाहिए। ये बेहद अशुभ होता है।
अगर आप पंचक के दिनों में शुभ कार्य करते हैं तो वह सफल नहीं माना जाता है। पंचक के दिनों में दक्षिण दिशा में यात्रा नहीं करना चाहिए।
क्योंकि दक्षिण की दिशा यम की दिशा मानी जाती है। इस दिशा में यात्रा करने से चोट चपेट की संभावनाएं बढ़ जाती है।
लेकिन, अगर आप किसी कारणवश इस दिशा में यात्रा करे हैं, तो ऐसे में पहले कुछ कदम पीछे मुड़ें और इसके बाद दक्षिण दिशा में यात्रा शुरू करें।
इसके साथ ही, पंचक के दौरान पैसों के लेन-देन से जुड़े कार्य में भी सावधानी बरतनी चाहिए।
अशुभ होती है पंचक की अवधि
ज्योतिष-शास्त्र की मान्यताओं के अनुसार, प्रत्येक 27 दिनों के बाद पंचक लगते हैं। चन्द्र ग्रह जब धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्व भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती नक्षत्र में विचरण करता है, उस समय को पंचक कहा जाता है। चंद्रमा को इन नक्षत्रों में विचरण करने में लगभग 5 दिन का समय लगता है, इसलिए इस अवधि को पंचक के नाम से जाना जाता है। इस अवधि को किसी भी प्रकार के मांगलिक कार्य के लिए शुभ नहीं माना जाता।
