मकर संक्रांति पर काले तिल महत्व, (सौ.सोशल मीडिया
Makar Sankranti 2025: हिंदू धर्म में तीज त्योहार का अपना अलग ही महत्व है। ऐसे में नए साल का पहला त्योहार यानी मकर संक्रांति भी हिंदू श्रद्धालुओं के लिए कम महत्व नहीं रखता है। यह त्योहार हर साल पौष मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है। वैसे तो, हर महीने संक्रांति पड़ती है लेकिन जनवरी महीने की यह संक्रांति हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है।
मकर संक्रांति के पावन तिथि पर स्नान और दान की परंपरा सदियों से चली आ रही है। इस दिन जो भी स्नान और दान करता है उसे पुण्य फलों की प्राप्ति होती है। इस दिन तिल के लड्डू और खिचड़ी खाने की भी एक परंपरा है। इसके अलावा, इस दिन काला तिल, गुड़ दही, चूड़ा दान करना भी शुभ माना गया है। लेकिन,आपको बता दें, मकर संक्रांति के दिन काला तिल भी दान करने की विशेष परंपरा भी है। आइए जानते हैं इस बारे में-
मकर संक्रांति पर काले तिल का महत्व
सनातन धर्म में तिल का संबंध धार्मिक, मांगलिक, पूजा पाठ और स्वास्थ्य की दृष्टि से भी विशेष महत्व है। धार्मिक कार्य, मांगलिक कार्य और पूजा पाठ व हवन आदि कार्यों में तिल का प्रयोग किया जाता है। इसलिए मकर संक्रांति के दिन व्यक्ति को अपनी सामर्थ्य के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। ऐसा करने से सभी देवी-देवता प्रसन्न होते हैं और अपना आशीर्वाद देते हैं।
मकर संक्रांति के दिन काला तिल दान करना सबसे महत्वपूर्ण माना गया है इसलिए खिचड़ी के साथ ही काला तिल जरूर दान करें। ज्योतिष शास्त्र में काले तिल का संबंध शनिदेव से माना गया है।
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कहते हैं कि शनि का द्रव्य काला होता है और काला तिल दान करने से शनिदेव प्रसन्न होते हैं। साथ ही कुंडली में मौजूद शनिदोष का प्रभाव भी कम होता है। इसलिए मकर संक्रांति के दिन काले तिल का दान जरूर करें।
इसके अलावा, मकर संक्रांति के दिन काले दिन का सेवन करना भी शुभ माना गया है। क्योंकि इस दिन मौसम का परिवर्तन होता है और ऐसे में यदि काले तिल का सेवन किया जाए तो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माना जाता है।