लव मैरिज करने वालों को प्रेमानंद जी महाराज की 5 खास टिप्स, संबंध रहेगा अटूट
Premanad Ji Maharaj: शादी से पहले सिर्फ यह न देखा जाए कि सामने वाला दिखने में कैसा है या उसकी नौकरी कितनी अच्छी है, बल्कि यह समझना जरूरी है कि वह सोच में कितना साफ, भावनाओं में कितनी सच्चाई हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
प्रेमानंद जी महाराज(सौ.सोशल मीडिया)
Love Marraige Tips : हिंदू धर्म में विवाह को पवित्र संस्कार माना गया हैं। ये 16 प्रमुख संस्कारों में से एक है। लेकिन आज की युवा पीढ़ी अपने रिश्तों को लेकर काफी संवेदनशील हो गई है। जहां पहले विवाह में परिवार की पसंद सर्वोपरि मानी जाती थी, वहीं अब लव मैरिज का चलन भी तेजी से बढ़ा है।
लोग एक-दूसरे को समझकर, जानकर और महसूस करके जीवनसाथी चुनना पसंद करते हैं। लेकिन प्रेम विवाह सिर्फ भावनाओं से नहीं, समझदारी, संयम और जिम्मेदारी से भी जुड़ा होता है।
प्रेमानंद महाराज, जो जीवन के गहरे आध्यात्मिक और मानसिक पहलुओं को समझने के लिए प्रसिद्ध हैं, अपनी शिक्षाओं के माध्यम से हमेशा यह बताते हैं कि रिश्ते को मजबूत और स्थिर बनाने के लिए क्या महत्वपूर्ण बातें हैं।
सम्बंधित ख़बरें
Jyestha Purnima 2026 : कब है ज्येष्ठ अधिक मास की पूर्णिमा? नोट कर लें शुभ मुहूर्त से लेकर महत्व
Dustbin Vastu Tips: गलत दिशा में रखे डस्टबिन से कंगाली का खतरा, जानिए घर में कहां रखें कूड़ेदान
Nirjala Ekadashi 2026 : निर्जला एकादशी की आ गई सही तिथि, नोट कर लीजिए ये 5 जरूरी नियम
Guru Pradosh Vrat:अधिकमास का पहला प्रदोष व्रत गुरुवार को, विधिवत पूजा से महादेव की बरसेगी कृपा
इस लेख में हम प्रेमानंद महाराज की 5 ऐसी जरूरी बातों पर चर्चा करेंगे, जो लव मैरिज करने वालों के लिए खास तौर पर उपयोगी हो सकती हैं। जानिए, कैसे इन सुझावों को अपनाकर आप अपने रिश्ते को उम्रभर निभा सकते हैं।
संत प्रेमानंद जी महाराज ने प्रेम विवाह को लेकर क्या कहा?
-
न दें शारीरिक आकर्षण को महत्व
प्रेमानंद जी महाराज का कहना है कि लव मैरिज करते समय लोगों को शारीरिक आकर्षण को महत्व नहीं देना चाहिए। जबकि आज की युवा पीढ़ी इस बात पर ज्यादा जोर देती है। क्योंकि ये आकर्षक एक समय के बाद खत्म हो जाता है और फिर रिश्ते में ब्रेकअप होने लगते हैं। रिश्ते को लंबा चलाना चाहते हैं, तो इसमें शारीरिक आकर्षण नहीं, बल्कि एक दूसरे से प्यार होना चाहिए।
-
न भूलें परिवार की सहमति लेना
आगे बताते है कि, लव मैरिज करने से पहले केवल दिल की नहीं, घरवालों की भी सुनें। शादी केवल दो लोगों का नहीं, बल्कि दो परिवारों का मिलन है। रिश्ते को सफल बनाना है तो माता-पिता की सहमति और आशीर्वाद जरूर लें। यह सहमति रिश्ते में स्थायित्व और सामाजिक सम्मान लाती है।
-
न भूलें मर्यादा और पवित्रता
महाराज जी के अनुसार, विवाह से पहले पवित्रता और मर्यादा का पालन बेहद जरूरी है। आज की भागदौड़ भरी ज़िंदगी में जहां रिश्ते जल्दबाजी में बनते और टूटते हैं, वहां संयम और शुद्धता ही रिश्ते की गहराई को कायम रख सकती है। ब्रह्मचर्य का पालन रिश्ते में आत्मिक मजबूती लाता है।
-
रखें पार्टनर पर भरोसा
एक सफल विवाह की सबसे बड़ी कुंजी है – भरोसा। प्रेमानंद जी युवाओं को यह सलाह देते हैं कि वे अपने जीवनसाथी पर भरोसा रखें। शक और अविश्वास रिश्तों को खोखला कर देते हैं। विश्वास से ही एक-दूसरे का साथ हर अच्छे-बुरे समय में निभाया जा सकता है।
ये भी पढ़ें-आ गई गणेश चतुर्थी की सबसे सटीक तिथि, जानिए पूजा का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त, पूजाविधि
-
अतीत को भूलने का सलाह
प्रेमानंद जी महाराज ने यह सलाह भी दी कि शादी के बाद पति या पत्नी को अपने अतीत या पुराने प्रेम प्रसंग के बारे में भूल जाना चाहिए और इस बारे में कोई बात नहीं करनी चाहिए।
