क्या हैं मंगलवार व्रत के नियम और इसकी महिमा? नोट कीजिए, कहीं अधूरा न रह जाए आपका व्रत
Mangalwar Vrat: मंगलवार व्रत भगवान हनुमान को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से पूजा, व्रत के नियमों का पालन और सच्ची श्रद्धा से की गई आराधना से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।
- Written By: सीमा कुमारी
भगवान हनुमान (सौ.सोशल मीडिया)
Mangalwar Vrat Kaise Kare: हिन्दू धर्म में मंगलवार के दिन को बहुत ही शुभ माना जाता है। धार्मिक दृष्टिकोण से यह दिन संकट मोचन भगवान हनुमान की पूजा के लिए समर्पित होता है। धर्म शास्त्रों में बताया गया है कि , जो व्यक्ति मंगलवार के दिन पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ व्रत रखकर बजरंगबली की पूजा करता है, उसके समस्त संकट दूर हो जाते है।
लेकिन, शास्त्रों में मंगलवार व्रत और हनुमान जी की पूजा के कुछ नियम बताए गए हैं, जिसका पालन सभी को करना चाहिए। अगर आप भी हनुमान जी की पूजा करते हैं या फिर मंगलवार का व्रत रखते हैं तो आपको इससे जुड़े नियमों को जरूर जानना चाहिए।
हनुमान पूजा और मंगलवार व्रत के नियम
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लाल रंग के वस्त्र पहनें
हिंदू मान्यता के अनुसार, मंगलवार के दिन महावीर विक्रम बजरंगी की कृपा पाने के लिए साधक को प्रात:काल स्नान-ध्यान करने के बाद यदि संभव हो तो लाल रंग के वस्त्र धारण करना चाहिए ।
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उनी आसन का प्रयोग करे
हनुमान जी की पूजा के लिए साधक को लाल रंग के उनी आसन का प्रयोग करना चाहिए। बजरंगी के भक्त को हमेशा स्वच्छ और पवित्र स्थान पर अपने आसन पर बैठकर हनुमत साधना करना चाहिए।
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ब्रह्म मुहूर्त में उठे
हनुमान जी की पूजा यदि संभव हो ब्रह्म मुहूर्त में प्रात:काल 4 से 6 बजे अथवा सूर्योदय के बाद अपनी सुविधा के अनुसार कर सकते हैं। इसके बाद हनुमत साधना के लिए संध्या के समय प्रदोष काल का समय भी अत्यंत फलदायी माना गया है।
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पूर्व या उत्तर दिशा की ओर करें पूजा
हनुमान जी साधना अपने घर के ईशान कोण में बैठकर करनी चाहिए। पूजा करते समय साधक का मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रहना चाहिए।
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पवित्रता और शुद्धता ध्यान रखें
मंगलवार व्रत के दौरान पवित्रता और शुद्धता का खास ध्यान रखें।
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नमक का सेवन न करें
मंगलवार को व्रत रखने वाले लोग नमक का सेवन न करें और ध्रूमपान आदि से भी दूर रहें। आप यह व्रत फलाहार कर सकते हैं।
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महिलाएं चोला न अर्पित करे
महिलाएं अगर हनुमान जी की पूजा करती हैं को उन्हें चोला नहीं अर्पिक करना चाहिए।
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चरणामृत से स्नान न करे
हनुमान जी की पूजा में उन्हें चरणामृत से स्नान नहीं करवाने का विधान नहीं है।
