भगवान विष्णु (सौ.GEMINI)
Varuthini Ekadashi Upay : इस साल 13 अप्रैल 2026 सोमवार को वरूथिनी एकादशी का व्रत रखा जा रहा है। हिन्दू धर्म में इस एकादशी का व्रत विशेष महत्व बताया गया है। धर्म शास्त्रों में इस एकादशी का व्रत को करने से व्यक्ति को 10 हजार वर्षों की तपस्या करने के बराबर फल मिलता है। ज्योतिषयों के अनुसार, इस शुभ तिथि पर कुछ ज्योतिष उपायों को करने से आर्थिक तंगी से लेकर जीवन की समस्त समस्याओं से छुटकरा मिल जाता है।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, वरुथिनी एकादशी ( Varuthini Ekadashi Upay) पर पूजा के दौरान ताजे गन्ने के रस से श्री हरि का अभिषेक करना शुभ बताया गया है। इसलिए इस दिन भगवान विष्णु का अभिषेक अवश्य करें। धर्म ग्रथों में बताया गया है कि ऐसा करने से जगत के पालनहार भगवान विष्णु प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर अपनी कृपा बरसाते है। इससे आर्थिक संकट से भी मुक्ति मिलती है और धन प्राप्ति के रास्ते बनते है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार ,वरुथिनी एकादशी पर तुलसी पूजन करना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है. इस दिन तुलसी की पूजा करें और घी का दीपक जलाएं। इसके बाद तुलसी चालीसा का पाठ करें. ऐसा करने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
वरुथिनी एकादशी पर लक्ष्मी जी की पूजा करना बहुत फलदायी माना गया है इस दिन ‘ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्री सिद्ध लक्ष्म्यै नमः’ मंत्र का जाप विशेष रूप से करें।
जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र, या जल से भरे घड़े का दान करना इस दिन बहुत पुण्यदायी होता है।
विष्णु सहस्रनाम या विष्णु मंत्रों का जाप करने से घर में सकारात्मकता आती है।
वरुथिनी एकादशी पर भगवान विष्णु के भोग में तुलसी के पत्ते जरूर डालें। क्योंकि तुलसी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय है। इस दिन तुलसी की पूजा करने न भूलें।
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सनातन धर्म में वरुथिनी एकादशी व्रत बड़ा महत्व बताया गया है। पौराणिक कथाओं अनुसार, वरुथिनी एकादशी व्रत के महात्म्य के बारे में बातते हुए स्वयं भगवान श्रीकृष्ण ने कहा है कि इस एकादशी का व्रत रखने से 10 हजार वर्षों की तपस्या करने के समान फल मिल जाता है यह एक व्रत कन्यादान करने के बराबर भी पुण्य देता है। साथ ही साथ व्रत के प्रभाव से जीवन खुशहाल रहता है।