शीतला अष्टमी के दिन इन कामों को करने से बचना चाहिए (सौ.सोशल मीडिया)
Sheetala Saptami 2025 : स्वच्छता एवं आरोग्य की देवी माता शीतला को समर्पित शीतला अष्टमी का व्रत हर साल चैत्र माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को मनाया जाता है। यह व्रत हर साल होली से 8 दिन बाद रखा जाता है। इस साल शीतला अष्टमी की पावन तिथि 22 मार्च, शनिवार के दिन रखा जाएगा।
इस दिन व्रत-उपवास करने का विशेष महत्व है। इस व्रत में बासी खाना खाने की विशेष परंपरा भी है। जो लोग ये व्रत करते हैं, वे एक दिन पहले बनाया हुआ खाना ही खाते है। मां शीतला को भी बासी भोजन का ही भोग लगाया जाता है, इसलिए इसे बासौड़ा, बूढ़ा बसौड़ा, बसोड़ा या बसियौरा नामों से भी जाना जाता है। आइए जानते है शीतला अष्टमी के दिन किन कामों से बचना चाहिए।
शीतला अष्टमी के दिन इन कामों को करने से बचना चाहिए :
घर में चूल्हा नहीं जलाना चाहिए
शीतला अष्टमी के दिन घर में चूल्हा नहीं जलाना चाहिए। इस दिन बासी भोजन खाने की परंपरा है। शीतला अष्टमी को ठंडा भोजन ही खाया जाता है। मां शीतला को ताजा भोजन का भोग न लगाएं, बल्कि शीतला सप्तमी के दिन बनाए गए भोजन का ही सेवन करना चाहिए।
सूई में धागा डालना वर्जित
इस दिन सूई में धागा डालना भी वर्जित माना गया है। इसलिए, भूलकर भी शीतला अष्टमी के दिन सूई में धागा बिल्कुल भी न डालें।
तामसिक भोजन का सेवन वर्जित
शीतला अष्टमी के दिन मांस-मदिरा का सेवन भी नहीं करना चाहिए। इन चीजों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए, इसके अलावा, इस दिन लहसुन-प्याज जैसे तामसिक चीजों का सेवन करने से बचना चाहिए।
पशुओं को न करें परेशान
शीतला अष्टमी के दिन भूलकर भी किसी जानवर को न तो तंग करें और न ही उसे मारें।विशेषकर, गधे को। क्योंकि, गधे को माता शीतला का वाहन माना जाता है। आपके ऐसा करने से आपको कोई कुष्ठ रोग हो सकता है।
घर में झाड़ू लगाने की मनाही
शीतला अष्टमी के दिन घर में झाड़ू लगाने की मनाही होती है। कहते है ऐसा करने पर माता शीतला रुठ जाती है। इसलिए इस दिन घर में झाड़ू लगाने की मनाही होती है।
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नए कपड़े या फिर डार्क कलर पहनने की मनाही
शीतला अष्टमी के दिन नए कपड़े या फिर डार्क कलर के कपड़े पहनने से बचना चाहिए। क्योंकि ऐसा करना अशुभ होता है।