प्रेमानंद महाराज ने बताया, किन 5 उपायों को अपनाने से टल जाती है अकाल मृत्यु
वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने अकाल मृत्यु से बचने के लिए कुछ महाउपाय बताए हैं, जिनको अपनाने से व्यक्ति की मौत कभी भी अकाल मृत्यु के कारण नहीं होती है। आइए जानें इन उपायों के बारे में।
- Written By: सीमा कुमारी
अकाल मृत्यु से बचने के ये हैं महाउपाय (सौ.सोशल मीडिया)
Premanand Maharaj Remedies: मृत्यु एक शाश्वत सत्य है ये तो सभी जानते है लेकिन हरेक व्यक्ति को मृत्यु से डर लगता है खासतौर पर अकाल मृत्यु से डर लगता है। अकाल मृत्यु एक ऐसा निधन जो समय से पहले हो जाए, अकाल मृत्यु कहलाता है।
इसका भय हर किसी के मन में कभी न कभी आता है। वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज ने इससे बचने के लिए 5 सरल लेकिन प्रभावशाली उपाय बताए हैं, जो न केवल अनहोनी से रक्षा करते हैं, बल्कि जीवन में सुख, शांति और सकारात्मक ऊर्जा भी लाते हैं। आइए जानते हैं, क्या हैं ये उपाय।
अकाल मृत्यु से बचने के ये हैं महाउपाय
-
ठाकुरजी का चरणामृत
संत प्रेमानंद महाराज ने अकाल मृत्यु से बचने के लिए पहला महा उपाय बताते हुए कहा कि, जो लोग रोजाना ठाकुरजी का चरणामृत पीकर बाहर निकलते हैं, उन्हें कभी भी अकाल मृत्यु नहीं आ सकती है। इसके साथ ही इस उपाय को करने से व्यक्ति की सेहत भी अच्छी रहती है।
सम्बंधित ख़बरें
Narad Jayanti : आज है नारद जयंती, जानें शुभ मुहूर्त और सृष्टि के पहले पत्रकार देवर्षि नारद की महिमा
Jyeshtha Maas: ज्येष्ठ मास आज से शुरू, शत्रुओं पर विजय पाने के लिए करें ये अचूक उपाय, हर बाधा होगी दूर!
दिल्ली में ई-रिक्शा किराया डबल, अब 10 नहीं 20 रुपये में होगा सफर, जेब ढीली होना तय
Vastu Tips For Jhadu : घर में अगर रखी हो टूटी हुई झाड़ू, तो तुरंत जानिए क्या हो सकता है इसका अंज़ाम
-
जपें यह मंत्र
ॐ कृष्णाय वासुदेवाय हरये परमात्मने।
प्रणतः क्लेशनाशाय गोविन्दाय नमो नमः॥’
संत प्रेमानंद महाराज के मुताबिक दूसरा उपाय, जब भी घर से बाहर निकले तो इस दौरान इस मंत्र का उच्चारण 11 बार जरूर करें। इस मंत्र का जाप करने से कभी भी अकाल मौत नहीं होगी। अगर किसी ऐसी स्थिति में फंस भी जाते हैं, तो बचकर बाहर निकल आएंगे।
-
गौ सेवा
प्रेमानंद महाराज बताते हैं कि हर दिन या हर शुक्रवार को गौ माता को रोटी, गुड़ या चारा खिलाना अत्यंत शुभ होता है। गाय की सेवा से कर्मों का शोधन होता है और जीवन की राह में आने वाली बाधाएं सहजता से दूर होती हैं।
-
वृंदावन की धूल से आएगी जीवन में आएगी पवित्रता
वृंदावन की पावन रज यानी धूल को अपने घर लाएं और रोजाना सुबह-सुबह सिर के बीचों-बीच एक चुटकी रज लगाएं। महाराज के अनुसार, इससे शरीर और मन दोनों में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है, और दुर्भाग्य, नकारात्मकता तथा डर पास नहीं आते।
-
ठाकुर जी के सामने बैठकर भजन
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि हर दिन कम से कम 20 से 30 मिनट भगवान के सामने बैठें और भजन, कीर्तन या सिर्फ नाम-स्मरण करें। इससे मन को शांति, आत्मा को शक्ति और जीवन को स्थिरता मिलती है। नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और चिंताओं से राहत मिलती है।
-
तुलसी के पौधे की सेवा करें
तुलसी को केवल पौधा नहीं, मां लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। घर में तुलसी का पौधा लगाएं, उसे जल चढ़ाएं, दीपक जलाएं और “ॐ तुलस्यै नमः” मंत्र का जाप करें। यह उपाय घर को रोग, दरिद्रता और बुरी शक्तियों से दूर रखता है।
ये भी पढ़े:हरियाली अमावस्या के दिन इन चीजों के दान से पितृदोष से मिलेगी मुक्ति, ग्रहदोष भी
आपको बता दें कि प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि ये उपाय सुनने में भले ही सरल लगें, लेकिन इनकी शक्ति अनंत है। जब व्यक्ति भक्ति, सेवा और सकारात्मक ऊर्जा के साथ जीवन जीता है, तो अकाल मृत्यु जैसी आशंकाएं स्वतः दूर हो जाती हैं।
इन 5 उपायों को अपनाकर आप न केवल अनहोनी से बच सकते हैं, बल्कि अपने जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का नया अध्याय भी शुरू कर सकते हैं।
