- Hindi News »
- Religion »
- The Worship Of Sankashti Chaturthi Is Incomplete Without This Story
संकष्टी चतुर्थी की पूजा इस कथा के बिना अधूरी है, विधिवत पूजा से निसंतानों को मिलेगा संतानसुख
हिन्दू धर्म में आषाढ़ माह की पहली संकष्टी चतुर्थी व्रत विशेष महत्व रखता है। जिन महिलाओं ने अपनी संतान प्राप्ति के लिए संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा हैं, उनको पूजा के समय ये व्रत कथा अवश्य सुननी या पढ़नी चाहिए।
- Written By: सीमा कुमारी

संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा (सौ.सोशल मीडिया)
आज आषाढ़ मास की पहली संकष्टी चतुर्थी का व्रत है। हिन्दू धर्म में आषाढ़ माह की पहली संकष्टी चतुर्थी व्रत विशेष महत्व रखता है। इस दिन हिन्दू विवाहित महिलाएं व्रत रखकर विधि-विधान से भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करती हैं और बप्पा को उनकी पसंद का भोग लगाती है।
इसके अलावा, इस दिन अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए गणेश भगवान से प्रार्थना भी करती है। जो महिलाएं संकष्टी चतुर्थी का व्रत रख रही हैं, उन्हें पूजा के समय ये व्रत कथा अवश्य सुननी या पढ़नी चाहिए। क्योंकि इस कथा के बिना ये व्रत पूरा नहीं होता है और आपकी मनोकामना भी अधूरी रह सकती है। इसलिए संकष्टी चतुर्थी व्रत कथा अवश्य सुननी या पढ़नी चाहिए।
संकष्टी चतुर्थी की पूजा के समय पढ़ें ये व्रत कथा
पौराणिक कथाओं के अनुसार, द्वापर युग में माहिष्मति नगरी में महीजित नाम के एक प्रतापी राजा रहते थे। वे पुण्य कर्म करने वाले और अपनी प्रजा का अच्छे से पालन-पोषण करने वाले राजा थे। लेकिन उनकी कोई संतान नहीं थी, जिससे उन्हें राजमहल का वैभव अच्छा नहीं लगता था। वेदों में संतानहीन व्यक्ति का जीवन व्यर्थ माना गया है और संतानविहीन व्यक्ति द्वारा पितरों को दिया गया जल पितृगण गरम जल के रूप में ग्रहण करते हैं, यही सोचकर राजा महीजित के जीवन का बहुत समय व्यतीत हो गया। पुत्र प्राप्ति के लिए उन्होंने कई दान, यज्ञ आदि करवाए, लेकिन फिर भी उन्हें संतान नहीं मिली।
सम्बंधित ख़बरें
Malmas Rituals : मलमास में ज़रूर करें ये काम, पितरों का मिलेगा आशीर्वाद, खुशहाल रहेगा घर बार
Cockroach Spiritual Meaning: घर में घूम रहे हों कॉकरोच, तो हो जाएं सचेत, राहु-केतु से है इसका संबंध
कुंडली के दूसरे भाव में हो केतु, तो मान-सम्मान और धन-दौलत लुट जाने का खतरा, जानें बचने के उपाय
Surya Dev Remedies : कैसे दूर होगी दरिद्रता? सूर्य देव को अर्पित करें ये विशेष वस्तुएं, पलट जाएगी किस्मत
एक बार राजा ने विद्वान ब्राह्मणों और प्रजाजनों से इस विषय पर परामर्श किया। राजा ने कहा, ”हे ब्राह्मणों तथा प्रजाजनों! मेरी कोई संतान नहीं है, अब मेरी क्या गति होगी? मैंने अपने जीवन में कोई पाप नहीं किया। अपनी प्रजा का पुत्रवत पालन किया और धर्म का हमेशा पालन किया। फिर भी मुझे अब तक पुत्र क्यों नहीं प्राप्त हुआ?”यह सुनकर विद्वान ब्राह्मणों ने कहा, ”हे महाराज! हम लोग इस समस्या का हल ढूंढने की पूरी कोशिश करेंगे । ” ऐसा कहकर सभी लोग राजा के मनोरथ की सिद्धि के लिए ब्राह्मणों के साथ वन में चले गए।
वन में उन्हें एक श्रेष्ठ मुनि के दर्शन हुए, जो निराहार रहकर अपनी तपस्या में लीन थे। उनका निर्मल नाम लोमश ऋषि था। सभी लोग उनके समक्ष जाकर खड़े हो गए और मुनिराज से कहा, ” हे ब्रह्मऋषि! हम लोगों के दुःख का कारण सुनिए। हे भगवन! आप ऐसा कोई उपाय बतलाइए जिससे इस दुख का निवारण हो सके। ” महर्षि लोमश ने पूछा, ”सज्जनों! आप लोग यहां किस कारण आए हैं? स्पष्ट रूप से कहिए.” प्रजाजनों ने कहा, ”हे मुनिवर! हमारे राजा का नाम महीजित है जो ब्राह्मणों के रक्षक, धर्मात्मा, दानवीर, शूरवीर और मधुरभाषी हैं। उन्होंने ही हम लोगों का पालन-पोषण किया है, परंतु ऐसे राजा को आज तक संतान की प्राप्ति नहीं हुई। हे महर्षि, आप कोई ऐसी युक्ति बताइए जिससे हमारे राजा को संतान सुख की प्राप्ति हो सके, क्योंकि ऐसे गुणवान राजा को संतान का न होना बड़े ही दुख की बात है। ”
यह भी पढ़ें- चप्पल से नजरदोष उतारने का टोटका आज भी मानते हैं लोग, आखिर क्यों है इस टोटके पर बुरी नज़र उतारने का भरोसा
प्रजा की बात सुनकर महर्षि लोमश ने कहा, ”मैं संकटनाशन व्रत के बारे में बता रहा हूं। यह व्रत निसंतान को संतान और निर्धनों को धन देता है। आषाढ़ कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को ‘एकदंत गजानन’ नामक गणेश की पूजा करें। राजा ने पूरी श्रद्धा से यह व्रत रखकर ब्राह्मण भोज करवाएं और उन्हें वस्त्र दान करें। गणेश जी की कृपा से उन्हें पुत्र अवश्य प्राप्त होगा।
महर्षि लोमश की बात सुनकर सभी लोग उन्हें दंडवत प्रणाम करके नगर में लौट आए और उन्होंने राजा को महर्षि लोमश द्वारा बताए गए उपाय के बारे में बताया। प्रजाजनों की बात सुनकर राजा बहुत प्रसन्न हुए और उन्होंने श्रद्धापूर्वक गणेश चतुर्थी का व्रत किया। कुछ समय बाद राजा की पत्नी रानी सुदक्षिणा को सुंदर और सुलक्षण पुत्र प्राप्त हुआ। श्रीकृष्ण जी कहते हैं कि इस व्रत का ऐसा ही प्रभाव है। जो व्यक्ति इस व्रत को सच्ची निष्ठा एवं विश्वास के साथ करता है, उसे समस्त सांसारिक सुख प्राप्त होते हैं।
The worship of sankashti chaturthi is incomplete without this story
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
लेटेस्ट न्यूज़
Aaj Ka Rashifal 26 May 2026: धनु और मीन राशि वालों को करियर में मिलेगी बड़ी सफलता, मिथुन और कन्या रहें सावधान
May 26, 2026 | 12:30 AMसिर्फ ₹10 की छाछ से डैंड्रफ और खुजली होगी छूमंतर, जानिए बालों में इसे लगाने का सही तरीका
May 25, 2026 | 11:40 PMRCB के कप्तान टी20 क्रिकेट में गेंदबाजों की हालत देख हुए भावुक, रजत पाटीदार ने अहमदाबाद शिफ्टिंग पर कही ये बात
May 25, 2026 | 11:27 PMRBI के खजाने से 8.70 करोड़ रुपये की चोरी…98 दिन तक ऑफिस आता रहा चोर, फिर CCTV वीडियो से खुला राज
May 25, 2026 | 11:16 PMपश्चिम बंगाल में आर-पार, एक ही झटके में खाली हो गई ममता की सेना; 91 पार्षदों ने एक साथ दिया इस्तीफा!
May 25, 2026 | 11:03 PMविंध्य में कांग्रेस का ‘मिशन बूथ’! सतना-मैहर के कप्तानों की पाठशाला; जीतू पटवारी ने फूंकी सांगठनिक जान
May 25, 2026 | 10:49 PMश्रीलंका ने एक दौरे के लिए किया 3 टीमों का ऐलान, बदल गया कप्तान; टी20, वनडे और टेस्ट के लिए नई रणनीति तैयार
May 25, 2026 | 10:41 PMवीडियो गैलरी

फिर बढ़े डीजल-पेट्रोल, क्या रोजमर्रा की चीजें भी होंगी महंगी? VIDEO
May 25, 2026 | 06:19 PM
सामूहिक विवाह के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा: 42 परिवारों से लाखों की ठगी, न आई दुल्हन, न मिले आयोजक
May 25, 2026 | 02:40 PM
पेट्रोल-डीजल के और बढ़ेंगे दाम! RJD नेता ने दिए बड़ी मुसीबत के संकेत, देखें VIDEO
May 25, 2026 | 02:16 PM
बांद्रा बुलडोजर एक्शन पर भड़के AIMIM नेता, बोले घुसपैठियों के बहाने जनता पर किया जुल्म, VIDEO वायरल
May 25, 2026 | 12:56 PM
जनता पर महंगाई की मार, फिर बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम, लोगों ने सरकार से की ये खास अपील, देखें VIDEO
May 25, 2026 | 12:36 PM
ट्रक क्या पलटा, इमान पलट गए! कौशंबी में मदद की जगह बकरियां लेकर भागे लोग, देखें VIDEO
May 25, 2026 | 11:32 AM














