

Ketu Remedies For Second House:ज्योतिष शास्त्र में केतु को रहस्यमयी ग्रह माना जाता हैं। कहते हैं अगर केतु कुंडली के पहले भाव में होता है तो व्यक्ति के लाइफ में कुछ चीज़ें आसान हो जाती हैं और कुछ उलझ जाती हैं। जो कई बार इंसान को अंदर से बेहद समझदार बना देता है, लेकिन कई बार मन को उलझा भी देता हैं। केतु का स्वभाव अलग होता है-ये इंसान को दुनिया से थोड़ा हटाकर भीतर की तरफ ले जाता हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार,द्वितीय भाव में केतु होने पर व्यक्ति के स्वभाव में कभी-कभी जिद और चिड़चिड़ापन देखा जा सकता है, खासकर जब यह शुक्र या मंगल के साथ हो। ऐसी स्थिति में खर्च बढ़ने की प्रवृत्ति भी बन सकती है और घरेलू जीवन में कुछ अस्थिरता महसूस हो सकती है। रिश्तों में गलतफहमियाँ या दूरी आने की संभावना भी रहती है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति पर अलग-अलग होता है और अन्य ग्रहों की स्थिति के अनुसार परिणाम बदल सकते हैं।
केतु के प्रभाव से व्यक्ति के जीवन में कई बदलाव देखने को मिल सकते हैं। कभी-कभी परिवार के साथ भावनात्मक दूरी या गलतफहमी की स्थिति बन जाती है, जिससे मन का जुड़ाव कमजोर महसूस हो सकता है। बात-बात पर छोटी-छोटी गलतफहमियां भी बढ़ सकती हैं और रिश्तों में थोड़ा तनाव आ सकता है।
केतु के प्रभाव से व्यक्ति के व्यवहार में कटुता आ जाती हैं। कुछ लोगों को बोलते समय पता नहीं चलता कि उनकी बात किसी को चोट पहुंचा रही हैं। इससे रिश्तों में खटास आ सकती हैं।
ज्योतिष बताते है कि केतु के प्रभाव से व्यक्ति के व्यवहार में कटुता के अलावा, आर्थिक तंगी से भी गुजरना पड़ता अच्छी है। बताते है पैसे तो आते हैं लेकिन टिकते नहीं है।
केतु के प्रभाव से व्यक्ति के खाने-पीने में भीअनियमितता देखी जाती है। केतु यहां होने से कई बार भोजन की आदतें बिगड़ती हैं-कभी ज्यादा तो कभी बहुत कम।
केतु के प्रभाव से व्यक्ति के खाने-पीने के अलावा व्यक्ति में आत्मविश्वास में कमी देखी जाती है। कई बार ये लोग खुद को साबित करने में मुश्किल महसूस करते है। मन छोटा हो जाता है या खुद को सही तरह से प्रकट नहीं कर पाते है।