पुथांडु तमिल नववर्ष (सौ.सोशल मीडिया)
Tamil New Year: पुथांडु तमिल समुदाय का एक प्रमुख त्योहार है। जिसे तमिल समुदाय द्वारा बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इसे तमिल समुदाय के लोग तमिल नववर्ष के रूप में मनाते है। यह दिन तमिल नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। संक्रांति के समय के आधार पर पुथांडु की तिथि तय होती है। जानिए 2026 में यह कब मनाया जाएगा और इसका महत्व क्या है।
तारीख – 14 अप्रैल 2026
अवसर – तमिल नववर्ष
विशेष – तमिल शक संवत 1948 की शुरुआत
समय – संक्रांति सुबह 9:39 बजे
धार्मिक और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से पुथांडु का बड़ा महत्व बताया गया है। यह तमिल समुदाय का एक बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार है। इसी दिन से तमिल नववर्ष (Tamil New Year) की शुरुआत होती है। इस दिन का धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व बहुत बड़ा माना जाता है।
मान्यता है कि इस दिन भगवान इंद्र पृथ्वी पर आए थे, जिससे शांति और सुख बना रहे. लोग इस पर्व को खुशी और उत्साह के साथ मनाते हैं।
पुथांडु को सौभाग्य, समृद्धि और तरक्की का प्रतीक माना जाता है इस दिन नया काम या व्यवसाय शुरू करना बेहद शुभ माना जाता है।
ज्योतिष के अनुसार, इसी दिन सूर्य मीन राशि से मेष राशि में प्रवेश करता है इस दौरान सूर्य की स्थिति उत्तर और दक्षिण गोलार्ध के बीच संतुलन को दर्शाती है जो प्रकृति और मानव जीवन के बीच सामंजस्य का प्रतीक मानी जाती है।
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तमिल समुदाय के दिन लोग मंदिर जाकर भगवान का आशीर्वाद लेते हैं वे अपने कुल देवी और कुल देवता की पूजा करते हैं। कुछ तमिल परिवार अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए “तर्पण” जैसे धार्मिक कर्म भी करते हैं।
इससे वे भगवान का धन्यवाद करते हैं और अपने पूर्वजों का आशीर्वाद भी मांगते हैं. परिवार के बड़े लोग बच्चों को उपहार और पैसे देते हैं और सब मिलकर खुशी के साथ तमिल नववर्ष का स्वागत करते हैं।